नक्सल ख़तरा दिल्ली पहुंचा,बातचीत नहीं

  • 8 जुलाई 2009
नक्सली
Image caption पश्चिम बंगाल में नक्सलियों ने पिछले महीने कई इलाक़ों पर कब्ज़ा कर लिया था जिसके बाद सुरक्षा बलों को अभियान चलाना पड़ा.

केंद्र सरकार ने कहा है कि ख़ुफ़िया जानकारियों के अनुसार राजधानी दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड में भी नक्सली गतिविधियां देखी जा रही हैं.

ऐसा पहली बार है जब सरकार ने राजधानी दिल्ली में नक्सलियों के सक्रिय होने की बात कही है.

गृह राज्य मंत्री अजय माकन ने एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी है. उनके जवाब में कहा गया है, '' हमारे पास जो भी ख़ुफ़िया जानकारी आई है उसके अनुसार दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में नक्सली गतिविधियां देखी गई हैं लेकिन यहां माओवादियों ने किसी हिंसक घटना को अंजाम नहीं दिया है. ''

सरकार ने नक्सलियों के केंद्र स्तर पर किसी भी प्रकार की बातचीत की संभावना से इंकार किया और कहा कि फ़िलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.

हालांकि माकन ने साफ़ किया कि अगर कोई राज्य सरकार नक्सलियों से बातचीत करती है तो वो इसका स्वागत करेंगे.

माकन का कहना था, '' केंद्र सरकार की ओर से नक्सलियों से सीधी बातचीत का कोई प्रस्ताव नहीं है. राज्य सरकारें पहले भी वामपंथी चरमपंथियों से अपील करती रही हैं कि वो हथियार छोड़ कर बातचीत का रास्ता अख़्तियार करें.''

उनका कहना था कि सरकार ने नक्सली हिंसा से निपटने के लिए एक ऐसा समग्र रुख अख्तियार किया है जिसके तहत सुरक्षा, विकास, आम लोगों की भावनाओं का ध्यान रखा जा रहा है.

भारत में अब तक नक्सली हिंसा में 1,128 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें से 455 सुरक्षाकर्मी हैं और बाकी आम लोग. पुलिस के अभियान में अब तक 107 नक्सली मारे गए हैं और 851 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.

उल्लेखनीय है कि देश में पिछले कुछ वर्षों में नक्सली हिंसा में बहुत तेज़ी आई है. आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल और बिहार में नक्सली हिंसा का एक इतिहास रहा है और आंध्र को छोड़कर बाकी राज्यों में हिंसक घटनाओं में बढ़ोतरी ही हुई है.

इन राज्यों में गरीबी और आम लोगों के शोषण को नक्सली हिंसा से जोड़कर देखा जाता है लेकिन पहली बार सरकार ने पंजाब और उत्तराखंड जैसे संपन्न राज्यों में नक्सली गतिविधियों की जानकारी दी है जो एक गंभीर मसला बन सकता है.

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