'भारत के रुख़ पर मुहर'

  • 10 जुलाई 2009

विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा है कि आतंकवादियों का पालन-पोषण करने के बारे में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की स्वीकारोक्ति से भारत का रुख़ सही साबित हुआ है.

Image caption विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अब पक्की कार्रवाई करे

संसद के दोनों सदनों में बयान देते हुए विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान अब आतंकवाद के ख़ात्मे के लिए पक्की कोशिश करे. विदेश मंत्री ने कहा पाकिस्तान को भारत में हुए आतंकवादी हमलों की साज़िश और साज़िश रचने वालों को सामने लाना चाहिए और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बातचीत का भविष्य हिंसा के ख़तरे से मुक्त माहौल में ही संभव हो पाएगा. एसएम कृष्णा ने राज्यसभा में कहा, "जहाँ तक पाकिस्तान की बात है, उसके शीर्ष नेतृत्व की ओर से एक तरह की स्वीकारोक्ति आई है. इससे दुनिया की नज़रों में एक हद तक भारत का रुख़ सही साबित हुआ है." राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति ज़रदारी के बयान के मद्देनज़र पाकिस्तान के नेतृत्व के बारे में विदेश मंत्री की टिप्पणी जाननी चाही थी.

उम्मीद

विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि भारत हमेशा से यह मानता रहा है कि पाकिस्तान की धरती का इस्तेमाल भारत पर हमले के लिए बार-बार हो रहा है. भारत पाकिस्तान से हमेशा यह कहता रहा है कि वह ऐसा न होने दे.

उन्होंने कहा, "अब पाकिस्तान के राष्ट्रपति ज़रदारी ने ये बातें कही है. तो हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान इस दिशा में पक्का प्रयास करेगा." विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से बार-बार आश्वासन के बावजूद भारत पर कई आतंकवादी हमले हुए हैं, जिनके तार सीमापार से जुड़े हुए हैं. विदेश मंत्री का बयान ऐसे समय आया है, जब अगले सप्ताह मिस्र में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी के बीच मुलाक़ात हो सकती है. मिस्र के पर्यटन केंद्र शर्म अल शेख़ में 15 से 16 जुलाई तक गुटनिरपेक्ष देशों का सम्मेलन हो रहा है.

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