'शोपियाँ जाँच रिपोर्ट को सार्वजनिक करें'

शोपियाँ प्रदर्शन (फ़ाइल)
Image caption शोपियाँ में पिछले 40 दिनों से इस मुद्दे पर लगातार रोष प्रदर्शन होते रहे हैं

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के शोपियाँ में दो महिलाओं के कथित बलात्कार और हत्या के मामले में न्यायिक जाँच की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है. जाँच आयोग ने इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने की भी सिफ़ारिश की है.

ग़ौरतलब है कि शोपियाँ की दो महिलाओं के 29 मई को लापता होने की ख़बर आई थी और फिर अगले दिन इनके शव बरामद हुए थे. पुलिस जाँच में इन महिलाओं के बलात्कार के बाद उनकी हत्या किए जाने की बात सामने आई थी.

पिछले लगभग 40 दिन से शोपियाँ ज़िले में इस मुद्दे पर लगातार रोष प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़पें भी हुई हैं.

उन्होंने न्यायिक जाँच में अविश्वास जताया था और सूत्रों के अनुसार शायद इसीलिए जाँच आयोग ने सिफ़ारिश की है कि उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि लोगों में विश्वास बहाल किया जा सके.

'वर्दी पहने लोगों का संबंध'

Image caption शोपियाँ मामले में एक जनहित याचिका की सुनवाई में जाँच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सोंपी थी

सूत्रों के मुताबिक अपनी 150 पन्नों की रिपोर्ट में आयोग ने इस मामले में किसी सुरक्षा एजेंसी का हाथ होने की तरफ़ इशारा किया है लेकिन ये भी कहा है कि ये एजेंसी सेना या केंद्रीय रिज़र्व पुलिस नहीं है.

इसलिए अब शक़ की सुई स्थानीय पुलिस की किसी शाखा की ओर घूम गई है.

सूत्रों ने बताया है कि रिपोर्ट में वर्दी पहने लोगों का इस मामले से संबंध होने की पुष्टि हुई है.

अंतरिम रिपोर्ट में ज़िले के पुलिस प्रमुख इक़बाल मट्टू पर सबूत मिटाने के आरोप लगने के संदर्भ में उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने की बात कही थी.

लेकिन उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने की जगह, उनके ख़िलाफ़ विभागीय जाँच के आदेश दिए गए हैं और उन्हें निलंबित कर दिया गया है.

हाल में भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान परिवार की इजाज़त से शोपियाँ मामले में दोनों शवों को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमॉर्टम करने के आदेश दिए थे. लेकिन परिवार ने इसकी इजाज़त नहीं दी.