श्रीधरन का इस्तीफ़ा नामंज़ूर

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने मेट्रो रेल योजना के प्रबंध निदेशक ई श्रीधरन का इस्तीफ़ा नामंज़ूर कर दिया है. श्रीधरन ने दिल्ली में हुए हादसे की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

दिल्ली में रविवार सुबह मेट्रो रेल के एक निर्माणाधीन पुल के गिर जाने से पाँच मज़दूरों की मौत हो गई थी और 20 मज़दूर घायल हुए हैं.

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निजी सहायक सतपाल ने बीबीसी से बातचीत में इस्तीफ़ा नामंज़ूर करने की पुष्टि की.

इससे पहले एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए ई श्रीधरन ने कहा, "मैं पिछले 10 साल से इस परियोजना का प्रमुख रहा हूँ. मेरा सीधे तौर पर इस दुर्घटना से भले ही कोई लेना-देना नहीं है लेकिन मैं इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी लेता हूँ और अपना इस्तीफ़ा मुख्यमंत्री को भेज दिया है. मुझे इस हादसे से बहुत तकलीफ़ हुई है और इस पर खेद है."

ई.श्रीधरन का कहना था, "हमारी टीम मुश्किल हालातों के बीच इस परियोजनाका काम करती आई है और आमतौर पर कोई दुर्घटना नहीं हुई है. लेकिन पिछले साललक्ष्मी नगर में एक हादसा हुआ था और ये दूसरा बड़ा हादसा है."

श्रीधरन ने बताया कि हादसे के समय वे बंगलौर में थे और दुर्घटना के 10 मिनट के अंदर ही उन्हें जानकारी दे दी गई थी और वे सीधे दिल्ली चले आए.

ई श्रीधरन ने कहा कि मामले की जाँच के लिए चार सदस्यों वाली तकनीकी समिति बनाई गई है.

उनका कहना था कि दुर्घटना के कारण इससे इलाक़े में परियोजना में कम से कम तीन महीने की देरी होगी और करीब छह करोड़ का नुकसान हुआ है.

मेट्रो मैन

डीएमरसी प्रबंध निदेशक ने कहा कि अभी प्राथमिकता ये है कि सुबह तक यातायातफिर से सुचारू रूप से चल सके जिसके लिए बड़ी क्रेनों का सहारा लिया जा रहाहै.

मेट्रो मैन के नाम से मशहूर ई श्रीधरन 1954से ही रेलवे से जुड़े रहे हैं.

दिल्ली में मेट्रो का काम सुचारू रूप से और समयसीमा के अंदर करवाने का श्रेय उन्हें ही दिया जाता रहा है. इससे पहले कोंकण रेलवे के काम भी उन्होंने बख़ूब अंजाम दिया.

उन्हें पदमश्री और पदम विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है. वर्ष 2003 में टाइम पत्रिका ने उन्हें एशियन हीरोज़ की सूची में शामिल किया था.

दुर्घटना

हादसा सुबह पांच बजे दक्षिण दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज के पास हुआ.घायलों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है.

दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता अनुज दयाल ने बताया कि यह हादसा निर्माणाधीनपुल के खंभा नंबर 66 और 67 के बीच हुआ. उन्होंने कहा कि हादसा पुल केडिज़ाइन में कमी के कारण हुआ है.

मेट्रो रेल के अधिकारियों ने कहा कि घटना की जाँच कराकर दोषी अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

इस हादसे पर दुख जताते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहाहै कि इसके कारणों का पता लगाकर दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात के पुख़्ता इंतज़ाम किया जाना चाहिए कि इस तरह के हादसे दुबारा न होने पाएँ.

पिछले साल पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मीनगर इलाक़े के पास भी इसी तरह का एक मेट्रो पुल गिरा था जिसमें कुछ लोगों की मौत हुई थी.

वैसे तो मेट्रो रेल के निर्माण के कार्य में सुरक्षा का विशेष ध्यानरखा जाता है लेकिन पिछले कुछ समय में सुरक्षा को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं.

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