शोपियाँ मामला: गिरफ़्तारी के आदेश

कश्मीर में विरोध
Image caption शोपियाँ मामला सामने आने के बाद भारतीय कश्मीर में काफ़ी प्रदर्शन हुए हैं

भारत प्रशासित कश्मीर के शोपियाँ में दो महिलाओं के कथित बलात्कार और हत्या के मामले में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने चारों निलंबित पुलिस अधिकारियों को गिरफ़्तार करके उनके डीएनए नमूने लेने का निर्देश दिया है.

इसके साथ ही कहा गया है कि उन चारों अधिकारियों की ज़मानत की याचिका जहाँ भी दायर हो उसे उच्च न्यायलय की खंड पीठ को भेजा जाए.

इस मामले की न्यायिक हिरासत में उन चारों अधिकारियों पर सबूत नष्ट करने का भी आरोप लगाया गया था.

जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बारिम घोष की अध्यक्षता में दो सदस्यीय एक खंड पीठ मामले की सुनवाई कर रही है.

न्यायमूर्ति घोष ने शोपियाँ में पिछले 48 दिनों से जारी बंद को देखते हुए स्थानीय लोगों से अपील की कि अब वे आंदोलन समाप्त करके बंद हटा लें और लोगों को विश्वास दिलाया कि इस मामले के दोषियों को सज़ा मिल कर रहेगी.

डीएनए परीक्षण

बुधवार को जारी इस निर्देश में कहा गया है कि चारों निलंबित पुलिस अधिकारियों को न्यायिक रजिस्ट्रार के सामने पेश किया जाए और उनके सामने उन चारों के ख़ून के नमूने लिए जाएँ.

न्यायालय ने इसके बाद उन नमूनों को डीएनए परीक्षण के लिए भेजने के लिए कहा है.

न्यायमूर्ति घोष के मुताबिक़ चारों अधिकारियों की गिरफ़्तारी के बाद अगर उनकी ज़मानत की याचिका कहीं भी दायर की जाती है तो उसे सीधे उच्च न्यायालय की इस पीठ के पास विचारार्थ भेजा जाना चाहिए.

उच्च न्यायालय ने ये भी कहा कि अभी नारको अनालिसिस टेस्ट की सुविधा गुजरात में है जहाँ मामले काफ़ी लंबित हैं इसलिए केंद्र सरकार से अपील की गई है कि इन अधिकारियों के परीक्षण जल्द से जल्द करवाए जाएँ.

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