'आतंकवाद को बातचीत से अलग रखें'

मनमोहन-गिलानी मुलाक़ात

भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की ओर से जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच बातचीत के सिलसिले को आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के बीच गुरुवार को मिस्र में एक अहम बैठक हुई. दोनों देशों के नेता गुट निरपेक्ष सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मिस्र के शहर शर्म अल शेख में हैं.

बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि आतंकवाद दोनों देशों के लिए एक बड़ा ख़तरा है और आतंकवाद से निपटने के अपने प्रयासों को जारी रखने और इस सिलसिले में एक दूसरे की मदद करने की प्रतिबद्धता जताई.

हालाँकि बाद में मनमोहन सिंह ने कहा कि जब तक मुंबई हमलों के दोषियों को सज़ा नहीं मिलती तब तक किसी तरह की बातचीत शुरु नहीं होगी.

दोनों नेताओं के बीच लगभग दो घंटे की लंबी बातचीत हुई. इस बातचीत में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने पश्चिमोत्तर प्रांत में चरमपंथी गतिविधियों के पीछे भारत का हाथ होने की ख़ुफ़िया रिपोर्टों का ज़िक्र किया.

इस पर मनमोहन सिंह ने बाद में कहा कि भारत का इस मसले से कोई लेना-देना नहीं है और अगर उनके पास कोई सबूत हैं तो वे सामने लाएँ.

मुंबई का मुद्दा

बातचीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि नवंबर, 2008 में भारत के मुंबई शहर में हुए चरमपंथी हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए.

इस मुद्दे पर अपना मत रखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दिशा में जो भी क़दम उठाने होंगे, उन्हें किया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि इस संदर्भ में भारत को ताज़ा स्थिति के बारे में एक जानकारी दे दी गई है. उन्होंने यह भी बताया कि इस दिशा में और आगे बढ़ने के लिए भारत से जानकारी और सुझाव मांगे गए हैं.

दोनों देशों के बीच इस बात को लेकर भी सहमति बनी है कि चरमपंथी हमलों की आशंका से जुड़ी सही जानकारियों का समय रहते आदान-प्रदान भी किया जाएगा.

दोनों देशों ने यह स्वीकारा कि केवल बातचीत के ज़रिए ही आगे बढ़ा जा सकता है. भारतीय प्रधानमंत्री ने यह तक कहा कि सभी अहम मुद्दों के साथ-साथ हम मसले पर भारत पाकिस्तान से बातचीत के लिए तैयार है.

पिछले साल हुए मुंबई हमलों के बाद ये भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के बीच दूसरी अहम बैठक थी.

इस बीच भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों ने बुधवार को मुलाक़ात की.

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