भारत-अमरीका संबंध मज़बूत करेंगी हिलेरी

  • 18 जुलाई 2009
हिलेरी क्लिंटन
Image caption अपनी यात्रा के दौरान हिलेरी दिल्ली भी आएंगी और नेताओं से मुलाक़ातें भी करेंगी.

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन शुक्रवार को भारत के पांच दिवसीय दौरे पर मुंबई पहुंची जहां वो व्यवसायियों से मुलाक़ात करेंगी.

अपनी पांच दिवसीय यात्रा में हिलेरी भारत के साथ अमरीका के राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने की कोशिश करेंगी.

मुंबई प्रवास के दौरान वो आर्थिक जगत के लोगों से मुलाक़ातें करने वाली हैं.

प्रेक्षकों का कहना है कि अपनी यात्रा के दौरान हिलेरी भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए दबाव भी डालेंगी.

पिछले साल नवंबर महीने में मुंबई पर हुए हमले के बाद एक बार फिर भारत-पाकिस्तान रिश्तों में खटास बनी हुई है.

जानकारों का मानना है कि वो भारत सरकार को यह समझाने की कोशिश कर सकती हैं कि अमरीका और पाकिस्तान के संबंधों से भारत को कोई नुकसान नहीं होगा.

अभी अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ लड़ाई को देखते हुए ये दोनों ही देश अमरीका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बने हुए हैं.

अहम दौरा

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसी स्थिति में ओबामा प्रशासन भारत सरकार की इन चिंताओं पर विराम लगाना चाहता है कि पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के कारण भारतीय हितों की अनदेखी हो रही है.

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भी अमरीका के लिए चिंता का विषय है और पिछले साल से अमरीका लगातार भारत और पाकिस्तान पर बातचीत शुरु करने के लिए दबाव बनाता रहा है.

हाल ही में दोनों देशों ने गुट निरपेक्ष वार्ताओं के दौरान एक संयुक्त बयान जारी किया जिसकी दोनों ही देशों में अलग अलग तरीके से व्याख्या हो रही है.

भारत में कुछ विशेषज्ञ ये भी मान रहे हैं कि अमरीका के दबाव में ही भारत को यह संयुक्त बयान जारी करना पड़ा है जिसमें कश्मीर का मुद्दा शामिल नहीं था लेकिन बलूचिस्तान के मुद्दे को बयान में शामिल करवाने में पाकिस्तान सफल रहा है.

इतना ही नहीं बयान में भारत इस बात पर भी राज़ी हुआ है कि समग्र वार्ता को आतंकवादी घटनाओं से न जोड़ा जाए.

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