ज़मानत पर रिहा हुईं रीता बहुगुणा

रीता बहुगुणा का मकान
Image caption कांग्रेस की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के लखनऊ स्थित घर में आग लगा दी गई थी

उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को शनिवार को मुरादाबाद के सत्र न्यायालय से अंतरिम ज़मानत मिल गई है और उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया है.

वो मुरादाबाद की जेल में गुरुवार से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में थीं.

लखनऊ से बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी ने बताया कि रीता बहुगुणा को शनिवार को एक अतिरिक्त सेशन जज ने 20 दिन की अंतरिम ज़मानत दे दी है.

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के बारे में उनकी कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद बुधवार की रात उन्हें हिरासत में ले लिया गया था.

रीता बहुगुणा के ख़िलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में पिछले तीन दिनों से देश और राज्य की राजनीति भी ख़ासी गरमाई हुई थी.

दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि कांग्रेस की ओर से जो एफ़आईआर दर्ज की गई थी, उसमें बहुजन समाज पार्टी के विधायक जितेंद सिंह का नाम है और उनकी भूमिका की जाँच की जा रही है.

जाँच की मांग

Image caption रीता बहुगुणा जोशी को शनिवार को अंतरिम ज़मानत मिल गई है

शनिवार को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने रीता बहुगुणा के जलाए गए घर का निरीक्षण किया और कहा कि इसे देखकर साफ ज़ाहिर होता है कि ऐसा एक साजिश के तहत किया गया है.

उन्होंने इस घटना के लिए राज्य सरकार की निंदा करते हुए घटना की जाँच सीबीआई को सौंपने की बात कही है.

इससे पहले कांग्रेस के युवा चेहरे और पार्टी महासचिव राहुल गांधी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री मायावती पर तीखे प्रहार किए थे और कहा था कि राज्य सरकार को पार्कों, हाथियों के साथ ही राज्य में विकास के लिए भी जगह देनी चाहिए.

उन्होंने रीता बहुगुणा-मायावती विवाद पर सीधी टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वो रीता जोशी का गुस्सा समझ सकते हैं लेकिन जिस शब्दावली का इस्तेमाल हुआ उस पर उन्हें अफ़सोस है.

राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश में विकास और ग़रीबों के लिए हो रहे कार्यों को आधार बनाते हुए मायावती पर निशाना साधा.

इससे पहले शुक्रवार सुबह उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने रीता जोशी मामले पर एक संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस के सदस्यों को चेताया था और कहा था कि रीता जोशी का अपराध माफ़ करने योग्य नहीं है.

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