'हमें कोई दस्तावेज़ नहीं मिला'

भारत ने इससे इनकार किया है कि उसे पाकिस्तान की ओर से ऐसा कोई दस्तावेज़ मिला है, जिसमें उसके कथित रूप से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने की बात कही गई है.

Image caption मिस्र में मनमोहन सिंह और गीलानी मिले थे

पत्रकारों से बातचीत में विदेश राज्य मंत्री प्रीनीत कौर ने कहा कि ये ख़बर पूरी तरह ग़लत है. मिस्र में भारत को इस तरह का कोई दस्तावेज़ नहीं दिया गया है.

प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने भी समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि ऐसा कोई दस्तावेज़ भारत को नहीं दिया गया है.

पाकिस्तान के एक प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार द डॉन ने दावा किया था कि पाकिस्तान ने भारत को ऐसे दस्तावेज़ दिए हैं, जिनमें आतंकवादी गतिविधियों में भारत के शामिल होने के व्यापक सबूत हैं. इन गतिविधियों में लाहौर में इस साल मार्च में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर हमला भी शामिल है.

दस्तावेज़

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी ने मिस्र के शर्म अल शेख़ में भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात के दौरान सबूतों वाला ये दस्तावेज़ सौंपा था.

विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने भारत पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप को बेतुका कहा है.

पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट पर टिप्पणी करना बुद्धिमानी नहीं. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत पाकिस्तान को अस्थिर करना नहीं चाहता.

दूसरी ओर एक अन्य विदेश राज्य मंत्री प्रीनीत कौर ने कहा कि अगर पाकिस्तान को भारत के साथ संबंधों को आगे ले जाना है, तो ऐसा करना अच्छा नहीं.

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