बयान मंज़ूर पर मुक़दमा चलता रहेगा

मुंबई हमलों के मामले में विशेष अदालत ने मुख्य अभियुक्त मोहम्मद अजमल आमिर क़साब के बयान को रिकॉर्ड पर रखने का फ़ैसला लेते हुए कहा है कि इस मामले की सुनवाई जारी रहेगी.

Image caption क़साब के बयान को सरकारी वकील ने अधूरा बताया था

इस बीच क़साब के वकील अब्बास काज़मी ने मुक़दमा छोड़ने की पेशकश भी की है जिसे अदालत ने ख़ारिज कर दिया है.

उल्लेखनीय है कि क़साब ने सोमवार को सुनवाई के दौरान उसने अपना गुनाह क़बूल कर लिया था और अदालत से जल्दी सज़ा सुनाए जाने की माँग की थी.

क़साब मे कहा था कि यह बयान देने के लिए उस पर किसी तरह का दबाव नहीं है और उसे फ़ासी की सज़ा दे दी जाए.

मुक़दमा चलता रहेगा

विशेष अदालत में न्यायाधीश ने गुरुवार को कहा कि वे क़साब के बयान को फ़िलहाल रिकॉर्ड में ले रहे हैं लेकिन दूसरे गवाहों के बयान के लिए यह मुक़दमा चलता रहेगा.

अदालत का कहना था कि क़साब ने इक़बालिया बयान ज़रुर दिया है लेकिन इसमें पूरे गुनाहों की स्वीकारोक्ति नहीं है.

न्यायाधीश ने कहा कि इसी अदालत में विभिन्न धाराओं के तहत 86 धाराओं में क़साब पर आरोप लगाए गए हैं. जबकि क़साब ने सिर्फ़ एक ही गुनाह स्वीकार किया है.

इस बीच क़साब के वकील अब्बास काज़मी ने अदालत से अनुरोध किया कि वे इस मुक़दमे से हटना चाहते हैं क्योंकि क़साब को उन पर भरोसा नहीं रहा.

इस पर अदालत ने क़साब से पूछा कि क्या ऐसा है, तो क़साब का जवाब था कि ऐसा उनके वकील को लगता है लेकिन वे ऐसा नहीं मानते.

इसके बाद अदालत ने क़साब के वकील से कहा कि वे अदालत के साथ सहयोग करें और उन्हें जो ज़िम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरा करें.

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 26 नवंबर की रात चरमपंथियों ने मुंबई के भीड़-भाड़ वाले छत्रपति शिवाजी टर्मिनल स्टेशन, ताज होटल, ट्राइडेंट-ऑबराय होटल और नरीमन हाउस पर हमले किए थे.

इन हमलों में 170 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और लगभग ढाई सौ लोग घायल हुए थे.

हमलावरों में मोहम्मद अजमल क़साब जीवित पकड़ा गया और बाकी नौ मारे गए.

इस मामले में आठ मई से गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और अब तक 134 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं.

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