साँप के कारण रुकी कार्यवाही

भारत में संसद के सदन हों या राज्य विधानसभा- कार्यवाही में रुकावटें नियमित होती हैं.

Image caption क़रीब 40 लोग इस साँप को ढूँढ़ने में लगे थे

लेकिन गुरुवार को उड़ीसा विधानसभा की कार्यवाही सदस्यों के हंगामें के कारण नहीं बल्कि सदन में साँप होने की ख़बर के कारण रोकनी पड़ी.

विधानसभा भवन में साँप होने की ख़बर के कारण सदन की कार्यवाही दो बार रोकनी पड़ी. एक बार 11.30 बजे तक, तो दूसरी बार 3.30 बजे तक.

विधानसभा की कार्यवाही रुकती रही, लेकिन साँप को ढूँढ़ना मुश्किल हो रहा था. इस काम में 40 से ज़्यादा लोग लगे थे.

इनमें वन अधिकारी, खोजी कुत्तों के साथ पुलिस अधिकारी और तो और सँपेरे भी शामिल थे. लेकिन अब तक साँप का कोई अता-पता नहीं है.

अफ़रा-तफ़री

गुरुवार की सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने से क़रीब डेढ़ घंटे पहले एक सफ़ाई कर्मचारी ने इस साँप को देखा था. माना जा रहा है कि ये कोबरा साँप है.

सफ़ाई कर्मचारी ने साँप देखते ही सदन का अलार्म बजा दिया, जिसके बाद विधानसभा परिसर में अफ़रा-तफ़री मच गई.

विधानसभा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बहस होने वाली थी. इस कारण अच्छी-ख़ासी संख्या में सदस्य जमा हुए थे. लेकिन सदन में साँप होने की ख़बर आते ही विधायक सदन परिसर से बाहर आ गए.

साँप की तलाश में लगे एक व्यक्ति का कहना है कि हो सकता है साँप भाग गया हो. साँप भले ही भाग गया हो लेकिन फ़िलहाल सदन की कार्यवाही नहीं हो पा रही है.

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पत्रकारों से बातचीत में उम्मीद जताई कि जल्द ही साँप पकड़ा जाएगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू हो पाएगी.