'करगिल अभियान एक बड़ी सफलता थी'

मुशर्रफ़
Image caption पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ़ करगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष थे

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने विवादास्पद करगिल अभियान को बड़ी सफ़लता बताया है और कहा है कि कश्मीर के संदर्भ में भारत के रवैए पर भी इसका ख़ासा असर हुआ.

एक भारतीय टीवी चैनल सीएनएन-आईबीएन के डेविल्स एडवोकेट कार्यक्रम को दिए इंटरव्यू में पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने ऐसी टिप्पणी की है. लेकिन जब उनसे पूछा गया कि यदि अवसर मिले तो क्या वे दोबारा ऐसा अभियान करेंगे, तो उनका कहना था,"मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता."

करगिल अभियान पर मुशर्रफ़ का कहना था, "हाँ, ये बहुत बड़ी सफलता थी क्योंकि इसका भारतीयों के रवैए पर भी ख़ासा असर पड़ा. हमने कश्मीर समस्या पर बात कैसे करनी शुरु की? भारतीय पक्ष इस पर सहमत कैसे हुआ कि वह कश्मीर पर बात करेंगा और इसका हल बातचीत के ज़रिए खोजा जाना चाहिए. इससे पहले तो ऐसा कुछ नहीं हुआ."

'ख़ासा अमरीकी दबाव था'

उनका कहना था कि इससे पहले तो कश्मीर की बात ही नहीं हो सकती थी.

मुशर्रफ़ का कहना था कि भारतीय पक्ष का तो मानना था कि पाकिस्तानी नेता संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में भी कश्मीर का ज़िक्र न करें, तो फिर भारतीय चर्चा के लिए कैसे राज़ी हो गए?

उनसे पूछा गया कि फिर संघर्षविराम पर जब तब के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने बातचीत की तो उन्होंने एतराज़ क्यों नहीं किया.

पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का कहना था, "एक तो ज़मीनी सैन्य स्थिति थी और दूसरा ये था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत कुछ हो रहा था. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमरीकी तत्व सरकार पर कार्रवाई रोकने के लिए बहुत दबाव बना रहे थे..."

उनका कहना था, "..फिर पाकिस्तान में राजनीतिक दबाव था...क्या राजनीतिक स्थिति ऐसी थी कि दबाव झेला जा सके... इसलिए मैंने केवल सैन्य स्थिति की बात की.. "

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