भारत में स्वाइन फ़्लू से पहली मौत

स्वाइन फ़्लू
Image caption महाराष्ट्र में स्वाइन फ़्लू के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं

भारत में स्वाइन फ़्लू से पहली मौत हुई है. महाराष्ट्र के पुणे शहर में 14 वर्ष की एक लड़की की मौत हो गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 21 जुलाई को उसकी तबीयत ख़राब हुई थी.

लेकिन बाद में उसकी स्थिति सुधरी और 23 जुलाई को वो स्कूल भी गई. लेकिन दो दिन बाद उसे फिर बुख़ार आ गया.

बाद में उसे एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वाइरोलॉजी, पुणे से उसके स्वास्थ्य की रिपोर्ट में ये साफ़ हुआ कि उसे स्वाइन फ़्लू है.

बाद में उसकी तबीयत और बिगड़ गई और 29 जुलाई से उसे वेंटिलेटर पर रखा गया. तीन अगस्त की शाम को उसकी मौत हो गई.

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री दिनेश त्रिवेदी ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि ये दुखद घटना है.

उनका कहना था कि ऐसी रिपोर्टें आ रही हैं कि बच्ची का इलाज निजी अस्पताल में कराया जाता रहा.

'सावधानी की ज़रूरत'

स्वास्थ्य राज्यमंत्री का कहना था कि सरकार ने स्वाइन फ़्लू को लेकर पर्याप्त इंतज़ाम किए हैं और जरा भी शक होने पर तत्काल सरकारी अस्पताल जाना चाहिए क्योंकि इलाज में देरी घातक साबित हो सकती है.

उनकी सलाह थी कि स्वाइन फ़्लू को लेकर घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की ज़रूरत है.

ग़ौरतलब है कि ये लड़की हाल में विदेश यात्रा से पुणे लौटी थी.

भारत में स्वाइन फ़्लू के 558 मामले सामने आए हैं. इनमें महाराष्ट्र से सबसे ज़्यादा मामले हैं.

पुणे के निकट सतारा में भी कई स्कूली बच्चों के अमरीका से वापस लौटने पर स्वाइन फ़्लू के लक्षण पाए गए थे.

लेकिन अधिकांश को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी.

सोमवार को भारत में स्वाइन फ़्लू के सात और मामले सामने आए हैं. इनमें से दो लोग दिल्ली से, तीन पुणे से और एक-एक चेन्नई और अहमदाबाद से हैं.

दुनियाभर में 800 से अधिक लोग स्वाइन फ़्लू का शिकार हुए हैं.

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