पुलिस के ख़िलाफ़ केस दर्ज

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption पुलिस शक के घेरे में है.

देहरादून के बहुचर्चित रणबीर एनकाउंटर मामले की जांच कर रही सीबीआई ने आरंभिक जांच में पुलिस की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उत्तराखंड पुलिस के खिलाफ हत्या करने का मामला दर्ज किया है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीबीआई ने प्राथमिक जांच के बाद ये एफआईआर दर्ज किया है.

तीन जुलाई को देहरादून के लाडपुर इलाके में कथित रूप से एक फर्जी मुठभेड़ में पुलिस की गोली से 22 साल के रणबीर सिंह की मौत हो गई थी.

रणबीर मूल रूप से गाजियाबाद के रहनेवाले थे और एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे.

तीन जुलाई को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के आगमन को देखते हुए सुरक्षा जांच चल रही थी और पुलिस का कहना है कि रणबीर औऱ उसके दो साथियों ने ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर का रिवाल्वर छीनकर भागने की कोशिश की जिसकी वजह से उनपर गोली चलाई गई.

लेकिन ऑटोप्सी रिपोर्ट में ये पाया गया कि रणबीर को बिल्कुल नजदीक से गोली मारी गई है और गोली मारने के पहले उनपर उत्पीड़न करने के भी सबूत मिले.

रणबीर के पिता की शिकायत पर इस मामले में दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया.

रिवाल्वर की जांच

जानकारों का कहना है कि पुलिस की दलील में सबसे बड़ी कमी है कि अगर उन्होंने रिवाल्वर छीनकर भागने की वजह से गोली चलाई तो आखिर किस रिवाल्वर से क्योंकि उन्हीं का कहना है कि वो तो पहले ही छिन चुका था.

थाने की सर्विस बुक के अनुसार भी उस सब-इंस्पेक्टर के पास एक ही रिवाल्वर था.

इस मामले पर सदन में भी खूब हंगामा हुआ और फिर इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई.

बेहद विवादास्पद औऱ संवेदनशील मामला होने के कारण पुलिस अधिकारी इस विषय में कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं.

हांलाकि देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनव कुमार ने बीबीसी से फोन पर हुई बातचीत में ये जरूर स्वीकार किया कि सीबीआई ने इस मामले की प्राथमिक जांच के बाद तीन एफ आई आर दर्ज किया है जिसमें से एक राज्य पुलिस के खिलाफ है.

इसमें पुलिस पर रणबीर की हत्या करने का आरोप है.

सीबीआई के विशेष जांच दल ने घटनास्थल का मुआयना करने और एफआईआर दर्ज करने के बाद गवाहों के बयान लेने शुरू कर दिये हैं.

इस सिलसिले में रिवाल्वर की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है.

पुलिस का अपने बचाव में ये कहना है कि फिलहाल ये सिर्फ एफआईआर यानी प्रथम सूचना रिपोर्ट है औऱ अंतिम जांच के नतीजे नहीं हैं.