'कुछ हद तक ही सफल रहा अभियान'

नक्सल
Image caption लालगढ़ में अभी भी माओवादियों का बहुत अधिक प्रभाव बना हुआ है.

पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि लालगढ़ में माओवादियों के ख़िलाफ़ चलाया गया अभियान कुछ हद तक ही सफल रहा है और वहां अभी भी माओवादी मज़बूत स्थिति में हैं.

इससे पहले गुरुवार को लालगढ़ इलाक़े से तीन और लाशें बरामद हुई हैं.

लालगढ़ में पिछले पाँच दिनों में माओवादियों का विरोध करने वाले और सुरक्षा बलों को मदद करने वाले नौ लोगों की हत्या की जा चुकी है.

पश्चिम बंगाल सरकार ने माना है कि लालगढ़ में कुछ समय पहले माओवादियों के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई ''सिर्फ़ कुछ हद तक सफल रही है.''

पश्चिम बंगाल के गृह सचिव अरदेंदु सेन का कहना था, '' लालगढ़ में हम अपने उद्देश्यों को पूरा नहीं कर पाए हैं. लालगढ़ से हम माओवादियों को पूरी तरह निकालना चाहते थे ताकि आम लोगों को माओवादियों के हमलों से बचाया जा सके लेकिन ऐसा नहीं हुआ है..''

सेन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लालगढ़ आपरेशन की समीक्षा हो रही है और माओवादी अभी भी लालगढ़ के इलाके़ में लोगों का अपहरण करने में और हमले करने में पूरी तरह सक्षम हैं.

उनका कहना था, '' लालगढ़ में जो हो रहा है उसे लेकर हम चिंतित हैं. हमें लालगढ़ के मामले में समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने की ज़रुरत है ताकि वहां के लिए तय किए गए उद्देश्य पूरे किए जा सकें.''

उन्होंने कहा कि लालगढ़ में अगले दो हफ़्तों में एक नया अभियान शुरु किया जाएगा.

लालगढ़ में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान शुरु किया था जिसके बाद हुई हिंसा में अबतक 25 लोग मारे जा चुके हैं.

इस हिंसा में मारे गए अधिकतर लोग मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य हैं लेकिन गुरुवार को जो तीन लाशें मिली हैं वो क्षेत्रीय झारखंड पार्टी ( नरेन गुट) के हैं.

ये माओवादियों के ख़िलाफ़ बनी विरोध समिति के सदस्य थे जिनको सुरक्षा बलों ने समर्थन दिया है.

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