संसद का बजट सत्र समाप्त

15 वीं लोकसभा का पहला बजट सत्र शु्क्रवार को समाप्त हो गया.

Image caption संसद के बाहर कमज़ोर दिख रही भाजपा ने संसद के भीतर ताक़त हासिल कर ली.

पूरे सत्र में 23 घंटे 34 मिनट का समय शोर-शराबे में नष्ट हुआ लेकिन लोकसभा सदस्यों ने आख़िरी दिन तक 30 घंटे 52 मिनट अतिरिक्त बैठकर संसदीय कार्यों को पूरा किया.

इस सत्र में कुल 26 दिनों में 162 घंटे संसद की कार्यवाही चली.

इस सत्र में कुल 16 विधेयक पेश किए गए और उनमें से आठ को पारित भी किया गया, जिसमें अनिवार्य शिक्षा बिल शामिल है.

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत महंगाई, देश के विभिन्न हिस्सों में आई बाढ़-सूखे आदि पर चर्चा हुई.

लेकिन सबसे विवाद का विषय रहा मिस्र के शर्म अल शेख़ में जारी हुआ भारत और पाकिस्तान का साझा बयान.

बार-बार की सफ़ाई से भी बात नहीं बनी.

वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी का कहना है कि पहले से ही माना जा रहा था कि इस बार सरकार और पार्टी के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थोड़ा दखल देंगे और अपने आपको प्रतिष्ठित करने की कोशिश करेंगे. लेकिन यह इतनी जल्दी हो जाएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था.

उनका कहना है कि मनमोहन सिंह को इस बार लग रहा होगा कि इस बार वोट सिर्फ़ सोनिया और राहुल गांघी को नहीं मिला है, उनकी सरकार के पक्ष में भी वोट हुआ है.

लेकिन साझा बयान ने हाशिए पर पड़ी पार्टियों, जैसे भाजपा, राष्ट्रीय जनता दल और समाजवादी पार्टी को पुनर्जीवित कर दिया.

उनका कहना है कि महंगाई के मुद्दे पर भी पार्टी कई बार घिरती हुई दिखाई पड़ी.

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