स्वाइन फ़्लू से तीसरी मौत

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 53 वर्षीय महिला की शनिवार दोपहर बाद मृत्यु के कुछ ही घंटों बाद पुणे में 42 वर्षीय शिक्षक की स्वाइन फ़्लू से मौत हो गई है.

Image caption शनिवार को देश भर में स्वाइन फ़्लू के 71 नए मामले मिले हैं

इस तरह से अब भारत में स्वाइन फ़्लू से मरने वालों की संख्या तीन हो गई है.

इससे पहल पुणे में ही एक 14 वर्षीय लड़की की मौत स्वाइन फ़्लू के कारण हो चुकी है. वह भारत में स्वाइन फ़्लू से मौत का पहला मामला था.

इस बीच देश भर में स्वाइन फ़्लू के 72 और मामले मिलने की पुष्टि की गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में अब तक 782 मामले सामने आए हैं जिनमें से 511 को आरंभिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है और शेष विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किए गए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 31 जुलाई तक दुनिया भर में स्वाइन फ़्लू यानी एच वन एन वन वायरस से एक लाख 62 हज़ार 380 लोगों के पीड़ित होने और 1154 मौतों की पुष्टी की थी.

दो और मौतें

पुणे में शनिवार को देर रात एक 42 वर्षीय शिक्षक संजय तुकाराम कोकड़े की मौत हो गई.

उन्हें शुक्रवार को शाम सवा छह बजे सासून अस्पताल में भर्ती किया गया था. यह एक सरकारी अस्पताल है.

इस अस्पताल के डॉक्टर डॉ टोडमल आरजी ने बीबीसी को बताया कि संजय तुकाराम कोकड़े एच वन एन वन वायरस से प्रभावित थे और रात 12 बजकर 15 मिनट पर उनकी मौत हो गई.

उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में स्वाइन फ़्लू से पीड़ित पाँच और लोग भर्ती हैं जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है.

इन पाँच लोगों में से दो महिलाएँ हैं.

इससे पहले मुंबई में शनिवार को दोपहर बाद 53 वर्षीय फहमीदा पानवाला की मौत हो गई थी.

वो पहले लीलावती अस्पताल में भर्ती थीं लेकिन स्वाइन फ़्लू के लक्षण दिखाई देने पर उन्हें शुक्रवार शाम को कस्तूरबा अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार की ही शाम को टेस्ट के लिए पुणे में नमूना भेजा गया और शनिवार को ही उसकी रिपोर्ट मिली जिसमें फ़हमीदा के एच वन एन वन से पीड़ित होने की पुष्टि हो गई.

रिपोर्ट आने के कुछ ही देर बाद, शाम लगभग 4.30 बजे महिला ने दम तोड़ दिया.

अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि फ़हमीना मधुमेह और उच्च रक्तचाप की भी मरीज थीं और जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया तो उन्हें साँस लेने में दिक्कत हो रही थी.

उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था लेकिन डॉक्टरों की सारी कोशिशों के बावजूद वो नहीं बच सकीं.

इससे पहले तीन अगस्त को भारत में स्वाइन फ़्लू से मौत का पहला मामला सामने आया था जब महाराष्ट्र के पुणे में इस बीमारी से पीड़ित 14 साल की रिदा शेख ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था.

नए मामले

भारत सरकार के अनुसार शनिवार को देश भर में स्वाइन फ़्लू के 72 और मामले सामने आए हैं.

इनमें से 34 मामले पुणे में, दो मुंबई में, सात चेन्नई में, 13 दिल्ली में, 10 बंगलौर में, तीन मंगलौर में और एक-एक मामले अमृतसर, फ़रीदाबाद और लखनऊ में मिले हैं.

इनमें से आठ मामलों में पीड़ित दूसरे देशों की यात्रा से लौटे हैं जबकि शेष यहीं के हैं.

सरकारी आंकडों के हिसाब से शनिवार तक कुछ 3624 नमूनों का परीक्षण किया गया जिसमें से 782 में एच वन एन वन वायरस की पुष्टि हुई.

सरकार ने शुक्रवार को ही स्वाइन फ़्लू से निपटने के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए थे और राज्यों से कहा था कि वे सुविधायुक्त निजी पैथॉलॉजिकल लैबों में स्वाइन फ़्लू की जाँच करने की अनुमति प्रदान करें.

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