इमरान हाशमी का भेदभाव से इनकार

  • 10 अगस्त 2009

फ़िल्म अभिनेता इमरान हाशमी ने कुछ दिन पहले ये आरोप लगाया था कि मुसलमान होने की वजह से उन्हें मुंबई के पाली हिल इलाक़े में फ़्लैट नहीं दिया जा रहा है.

Image caption इमरान हाशमी अल्पसंख्यक आयोग के सामने पेश हुए

लेकिन अब उन्होंने पलटा खाया है. इमरान हाशमी का कहना है कि मुसलमान होने के कारण उनके साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है और विवाद की वजह आपस में ग़लत संवाद था.

राज्य अल्पसंख्यक आयोग में उनकी शिकायत पर हुई सुनवाई के बाद मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए इमरान हाशमी ने कहा, "मेरे और निबाना हाउसिंग सोसाइटी के बीच विवाद ख़त्म हो गया है. सोसाइटी ने मेरे साथ भेदभाव नहीं किया था. विवाद सिर्फ़ ग़लत संवाद के कारण था."

इमरान हाशमी के वकील माजिद मेमन ने पत्रकारों को बताया कि एक प्रोपर्टी एजेंट जगजीत अरोड़ा ने इमरान हाशमी से कहा था कि सोसाइटी ने इमरान हाशमी को फ़्लैट बेचने से इसलिए इनकार कर दिया है क्योंकि वे मुसलमान हैं.

'भेदभाव नहीं'

मेमन ने कहा, "सोसाइटी के सचिव ने कहा है कि उन्होंने इमरान के साथ कोई भेदभाव नहीं किया है और अगर सोसाइटी में कोई अपना फ़्लैट उन्हें बेचना चाहता है तो इमरान हाशमी फ़्लैट ख़रीद सकते हैं."

सोसाइटी के सचिव जेपी छत्री भी अल्पसंख्यक आयोग के सामने पेश हुए. उन्होंने आयोग से कहा कि धार्मिक आधार पर वे इमरान हाशमी को फ़्लैट बेचने से इनकार नहीं कर सकते क्योंकि सोसाइटी में कई मुसलमान परिवार रहते हैं.

जिस फ़्लैट को लेकर सारा बखेड़ा खड़ा हुआ था, उसके मालिक डीयू सुवर्ण भी सुनवाई के दौरान मौजूद थे. उन्होंने कहा कि वे इमरान को अपना फ़्लैट बेचकर काफ़ी ख़ुश होंगे क्योंकि वे उनके बेटे की तरह हैं.

सुवर्ण ने कहा, "मैं अभी ये फ़ैसला नहीं किया है कि मैं अपने फ़्लैट का क्या करूँगा. अगर मैंने फ़्लैट बेचने का फ़ैसला किया तो मेरी पहली पसंद इमरान हाशमी होंगे."

31 जुलाई को इमरान हाशमी ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग में शिकायत की थी कि पाली हिल स्थित सोसाइटी ने उन्हें फ़्लैट ख़रीदने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया है. उन्होंने इसे धार्मिक आधार पर भेदभाव कहा था.

सुनवाई के दौरान राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन नसीम सिद्दीक़ी ने कहा कि मीडिया ने इस मुद्दे को ज़रूरत से ज़्यादा उछाल दिया. ये सिर्फ़ ग़लत संवाद की वजह से हुआ था और सभी पक्षों ने मिल-बैठकर इस मामले को सुलझा लिया है.

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