कश्मीरी पंडितों के लिए नौकरियाँ

कश्मीरी पंडित
Image caption सरकार का कहना है कि कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास का मामला उनकी प्राथमिकता में है

भारत प्रसाशित जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉंफ़्रेंस और कांग्रेस की गठबंधन सरकार ने प्रवासी कश्मीरी पंडितों के लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों में 15 हज़ार नौकरियाँ देने की घोषणा की है.

इसका मकसद राज्य में चरमपंथी हिंसा के दौर में बाहर जाकर बस गए कश्मीरी पंडितों को घर वापसी के लिए प्रोत्साहित करना है.

राज्य सरकार ने कहा है कि प्रवासी पंडितों के पुनर्वास का मामला सरकार के लिए प्राथमिकता है.

ये घोषणा सोमवार को राज्य विधानसभा में बजट सत्र के दौरान की गई.

राज्य के वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथेर ने गठबंधन सरकार का पहला बजट पेश करते हुए कहा, "कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास का पूरा होना हम लोगों के लिए स्वप्न जैसा है. जिसके लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों में 15 हज़ार नौकरियों के पैकज को मंज़ूरी दी गई है."

सरकार का कहना है कि इस बिरादरी के जो लोग सरकारी नौकरी में नहीं हैं वे भी चिकित्सा योजना का लाभ उठा पाएँगे और सरकार उन्हें 50 प्रतिशत का अनुदान देगी.

इस स्कीम के तहत सरकार की ओर दी जाने वाली अधिकतम राशि पाँच हज़ार होगी, जिसके लिए सरकार की ओर से 10 करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की गई.

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