स्वाइन फ़्लू के कारण छह मौतें

भारत में स्वाइन फ़्लू का भय

महाराष्ट्र के पुणे और तमिलनाडु के चेन्नई शहर में सोमवार को स्वाइन फ़्लू के कारण एक एक लोगों की मौत की पुष्टि के साथ ही भारत में इस बीमारी से मरनेवालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है.

भारत के पुणे शहर से सोमवार की सुबह एक 36 वर्षीय चिकित्सक की मौत के बाद अकेले इस शहर में मृतकों की संख्या तीन हो गई है.

पुणे सर्वाधिक चिंताजनक स्थिति में माना जा रहा है. यहां कुछ अन्य पीड़ित लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है.

सोमवार को चेन्नई से भी एक चार वर्षीय बच्चे की मौत का मामला सामने आया है.

हालांकि तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव वीके सुब्बाराव ने कहा कि इस बच्चे को पहले से ही कुछ बीमारियां थीं और उसकी प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम हो गई थी.

सोमवार को पुणे के ससून अस्पताल के डीन अरुण जामकर ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार को अस्पताल लाए गए 36 वर्षीय आयुर्वेदिक चिकित्सक बाबासाहेब माने का इस संक्रमण के कारण निधन हो गया है.

इससे पहले रविवार को स्वाइन फ़्लू के 82 नए मामलों की पुष्टि हुई थी.

स्थिति चिंताजनक

स्वाइन फ़्लू से सबसे ज़्यादा दहशत महाराष्ट्र में हैं. यहाँ के अस्पतालों में लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं जो इस संक्रमण की जांच कराने के लिए आ रहे हैं.

  • साढ़े आठ सौ से ज़्यादा मामले
  • अबतक पाँच लोगों की मौत
  • कई राज्य प्रभावित
  • केंद्र गंभीर, प्रधानमंत्री ने की समीक्षा
  • सर्वाधिक मौतें पुणे में, अबतक तीन
  • महाराष्ट्र सर्वाधिक प्रभावित राज्य

पुणे में पांच लोगों की हालत नाज़ुक है. यहाँ अबतक 34 लोगों के एच1एन1 वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. मुंबई में 12 लोग इससे संक्रमित हैं.

इस बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद के साथ स्वाइन फ़्लू पर चर्चा और ताज़ा स्थिति की समीक्षा की.

प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री को हिदायत दी है कि वो राज्य सरकारों के साथ मिलकर बीमारी को नियंत्रित करने की कोशिश करें.

सैकड़ों संक्रमित

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को स्वाइन फ़्लू पर ताज़ा रिपोर्ट जारी की है जिसके मुताबिक भारत में 864 लोग एच1एन1 से संक्रमित पाए गए हैं.

इनमें से 523 को इलाज के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है.

पूरी दुनिया में अबतक 1154 लोग इस बीमारी के कारण दम तोड़ चुके हैं और एक लाख 62 हज़ार 380 लोग इस बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं.

इनमें सबसे ज़्यादा संख्या पुणे की है जहां 34 लोग एच1एन1 से संक्रमित पाए गए हैं. दिल्ली में 13 और मुंबई में 12 लोगों में यह बीमारी होने की पुष्टि हुई है.

पांच मौतें

इस बीच देश में स्वाइन फ़्लू से मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है. रविवार सुबह अहमदाबाद में 43 वर्षीय एक अप्रवासी भारतीय की मौत हो गई थी.

भारत में स्वाइन फ़्लू

भारत में स्वाइन फ़्लू को लेकर चिंता और बढ़ती जा रही है

प्रवीण पटेल 10 दिन पहले अमरीका के अटलांटा से अहमदाबाद आए थे. रविवार तड़के सिटी सिविल अस्पताल में उनकी मौत हो गई.

स्वाइन फ़्लू के कारण सबसे पहले पुणे में 14 वर्षीय स्कूली छात्रा रिदा शेख़ की मौत हो गई थी.

जबकि शनिवार को पुणे में ही 42 वर्षीय संजय तुकाराम की मौत हो गई. शनिवार को ही मुंबई में 53 वर्षीय फ़हमिदा पानवाला की भी स्वाइन फ़्लू के कारण मौत हो गई.

हालाँकि फ़हमिदा को डायबिटीज़ और हाइपरटेंशन की भी शिकायत थी.

सोमवार को पुणे से चिकित्सक बाबासाहेब माने की मौत के बाद अब मरनेवालों की संख्या पांच हो गई है.

संक्रमण का भय

भारत में स्वाइन फ़्लू के बढ़ते मामलों में से अधिकतर ऐसे हैं जिन्हें किसी दूसरे व्यक्ति से यहीं रहते हुए संक्रमण मिला है.

अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर लगातार इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं संक्रमित व्यक्ति दूसरे देशों से संक्रमण लेकर भारत तो नहीं आ रहे.

पर अबतक जो मामले सामने आए हैं उनमें से अधिकतर ऐसे हैं जिन्हें किसी मित्र, सार्वजनिक स्थान पर आने वाले लोगों या स्कूलों आदि जैसी जगहों से संक्रमण मिला है.

इसे लेकर जहाँ माता-पिता अपने बच्चों में संक्रमण के ख़तरे के प्रति चिंतित हैं, वहीं पर्यटकों, विदेशों से आ रहे लोगों को लेकर भी और गंभीर होने की ज़रूरत बताई जा रही है.

स्वाइन फ़्लू का सबसे ज़्यादा असर दिखाई दे रहा है पश्चिमी देशों में. अमरीका और यूरोप के कुछ देश इससे सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं.

भारत में स्थिति उतनी चिंताजनक नहीं है जितनी कि इन देशों में, पर आगे के खतरे के प्रति गंभीर होने की ज़रूरत पर बल दिया जा रहा है.

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