स्वाइन फ़्लू: मरने वालों की संख्या सात हुई

भारत में स्वाइन फ़्लू का भय

भारत में स्वाइन फ़्लू से मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है. सोमवार शाम को पुणे में एक और व्यक्ति की मौत हो गई.

मुंबई से बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद के मुताबिक़ 33 वर्षीय केमिस्ट संजय तिलेकर सासून अस्पताल में भर्ती थे.

इससे पहले सोमवार को ही पुणे में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर की स्वाइन फ़्लू से मौत हो गई थी जबकि चेन्नई में चार साल का एक बच्चा भी स्वाइन फ़्लू के कारण अपनी ज़िंदगी गँवा बैठा.

देश में स्वाइन फ़्लू के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर के साथ स्थिति की समीक्षा की है. स्वास्थ्य सचिव नरेश दयाल भी बैठक में शामिल हुए.

बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मलेन में स्वास्थ्य मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने बताया कि अब तक देशभर में स्वाइन फ़्लू के 864 मामले सामने आए हैं और इनमें से 341 लोगों का देश के विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है.

अब तक देशभर में स्वाइन फ़्लू के 864 मामले सामने आए हैं और इनमें से 341 लोगों का देश के विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है

ग़ुलाम नबी आज़ाद

उन्होंने कहा कि सबसे ज़्यादा मामले हवाई अड्डों पर हुई स्क्रीनिंग से सामने आए हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पहले देशभर में स्वाइन फ़्लू के सिर्फ़ दो ही केंद्र थे लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाकर 18 कर दी गई है.

उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में स्वाइन फ़्लू की जाँच के लिए 18 लैब भी कम पड़ सकते है, इसलिए आने वाले दिनों में निजी लैब में भी जाँच की अनुमति दी जाएगी बशर्ते उनके पास ऐसी जाँच की क्षमता हो और वे सरकार के दिशा-निर्देश का पालन करें.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्क्रीनिंग के लिए और उपकरण ख़रीदे जाएँगे. दवाओं के बारे में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने पास दो करोड़ टैमीफ़्लू टैबलेट का भंडार रखेगी और ज़रूरत के हिसाब से इसे राज्यों के पास भेजेगी.

स्कूल-कॉलेजों को बंद करने के बारे में उन्होंने कहा कि ये समस्या का समाधान नहीं. लेकिन उन्होंने सलाह दी कि स्वाइन फ़्लू के लक्षण वाले बच्चे स्कूल न जाएँ.

निर्देश

दूसरी ओर स्वाइन फ़्लू से सबसे ज़्यादा प्रभावित महाराष्ट्र के पुणे शहर के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया गया है.

महाराष्ट्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री अजित पवार ने पत्रकारों को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, "पुणे और पड़ोसी पिम्परी चिंचवाड में सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थाएँ सात दिनों तक बंद रहेंगी. हम दीपावली की छुट्टियाँ कम करके इसकी भरपाई करेंगे."

पुणे और पड़ोसी पिम्परी चिंचवाड में सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थाएँ सात दिनों तक बंद रहेंगी. हम दीपावली की छुट्टियाँ कम करके इसकी भरपाई करेंगे

अजित पवार

अजित पवार ने स्कूल और कॉलेज प्रशासन को ये निर्देश दिया कि इन सात दिनों में वे अपनी-अपनी संस्थाओं को वायरस मुक्त करने की कोशिश करें.

पुणे में एच1एन1 वायरस से लोगों के मारे जाने पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि अगर लोगों का समय पर इलाज होता, तो उन्हें बचाया जा सकता था.

पुणे में स्वाइन फ़्लू के कारण चार लोगों की मौत हो चुकी है. अभी तक पुणे के कई अस्पतालों में कुल 778 लोगों को भर्ती कराया गया था, जिनमें से 135 लोगों में स्वाइन फ़्लू पाया गया है.

हैदराबाद से बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारूक़ का कहना है कि आंध्र प्रदेश सरकार ने भी इस बीमारी से निपटने लिए चौकसी बढ़ा दी है.

सरकार ने रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर सहायता केंद्र खोले हैं ताकि मुंबई और पुणे से आने वाले यात्रियों और संक्रमित लोगों की पहचान की जा सके.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दमन नागेंद्र का कहना है कि स्वाइन फ़्लू से निपटने के लिए तमाम एहतियाती क़दम उठाए गए हैं इसलिए घबराने की ज़रूरत नहीं है.

उन्होंने कहा, "राज्य में अब तक स्वाइन फ़्लू के 74 मामले सामने आए हैं जिनमें 72 को पूरी तरह से ठीक करके अस्पताल से छु्ट्टी दी जा चुकी है. सिर्फ़ दो लोगों का इलाज चल रहा है. यहाँ स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है."

सैकड़ों संक्रमित

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को स्वाइन फ़्लू पर ताज़ा रिपोर्ट जारी की है जिसके मुताबिक भारत में 864 लोग एच1एन1 से संक्रमित पाए गए हैं.

इनमें से 523 को इलाज के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है.

पूरी दुनिया में अबतक 1154 लोग इस बीमारी के कारण दम तोड़ चुके हैं और एक लाख 62 हज़ार 380 लोग इस बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं.

इनमें सबसे ज़्यादा संख्या पुणे की है जहां 34 लोग एच1एन1 से संक्रमित पाए गए हैं. दिल्ली में 13 और मुंबई में 12 लोगों में यह बीमारी होने की पुष्टि हुई है.

संक्रमण का भय

भारत में स्वाइन फ़्लू के बढ़ते मामलों में से अधिकतर ऐसे हैं जिन्हें किसी दूसरे व्यक्ति से यहीं रहते हुए संक्रमण मिला है.

स्वाइन फ़्लू

स्वाइन फ़्लू के मामले लगातार बढ़े हैं

अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर लगातार इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं संक्रमित व्यक्ति दूसरे देशों से संक्रमण लेकर भारत तो नहीं आ रहे.

पर अबतक जो मामले सामने आए हैं उनमें से अधिकतर ऐसे हैं जिन्हें किसी मित्र, सार्वजनिक स्थान पर आने वाले लोगों या स्कूलों जैसी जगहों से संक्रमण मिला है.

इसे लेकर जहाँ माता-पिता अपने बच्चों में संक्रमण के ख़तरे के प्रति चिंतित हैं, वहीं पर्यटकों, विदेशों से आ रहे लोगों को लेकर भी और गंभीर होने की ज़रूरत बताई जा रही है.

स्वाइन फ़्लू का सबसे ज़्यादा असर दिखाई दे रहा है पश्चिमी देशों में. अमरीका और यूरोप के कुछ देश इससे सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं. भारत में स्थिति उतनी चिंताजनक नहीं है जितनी कि इन देशों में, पर आगे के खतरे के प्रति गंभीर होने की ज़रूरत पर बल दिया जा रहा है.

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