भारत-आसियान के बीच समझौता

खेती
Image caption मुक्त व्यापार समझौते से कृषि उत्पादों को अलग रखा गया है.

भारत और दस देशों के दक्षिण पूर्व एशियाई संगठन ( आसियान) के बीच छह वर्षों की वार्ताओं के बाद मुक्त व्यापार संबंधी समझौता हो गया है.

इस समझौते के तहत भारत और इन देशों के बीच इलेक्ट्रानिक्स, रसायन, मशीनरी और टेक्सटाइल्स पर कर पहले धीरे धीरे कम होगा और उसके बाद पूरी तरह हटा दिया जाएगा.

भारत और आसियान देशों के बीच होने वाले व्यापार का 80 फ़ीसद हिस्सा इन्हीं वस्तुओं का है.

हालांकि समझौते में भारत को अपने कृषि उत्पादों की रक्षा करने का अधिकार मिला हुआ है और 489 वस्तुओं की सूची में कृषि उत्पादों को शामिल नहीं किया गया है. इसमें रबर शामिल है.

मुक्त व्यापार समझौते में कुछ वस्तुओं की एक अलग सूची है जिन्हें ''अति संवेदनशील'' कहा गया है. इसमें कॉफी और पाम ऑयल जैसी चीज़ें हैं जिन पर कर अगले दस वर्षों में धीरे धीरे कम होगा लेकिन ये वस्तुएं पूरी तरह करमुक्त नहीं होंगी.

इस समझौते पर बैंकाक में आसियान देशों और भारत के आर्थिक मामलों के मंत्रियों ने हस्ताक्षर किए. आसियान देशों में ब्रूनेई, बर्मा, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और विएतनाम शामिल हैं.

आसियान भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक पार्टनर है. दोनों पक्षों के बीच 2008 में 47 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था.

फिक्की के महासचिव अमित मित्रा ने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए बेहतरीन है. समझौता अगले वर्ष जनवरी से लागू होगा.

उनका कहना था, '' हमारे दिमाग पूरी तरह मिल गए हैं. कुछ नुकसान है लेकिन कई फ़ायदे भी तो हैं. ''