स्वाइन फ़्लू और बढ़ने की चेतावनी

स्वाइन फ़्लू
Image caption स्वाइन फ़्लू से भारत में 50 से ज़्यादा मौते हो चुकी हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में मौसम परिवर्तन के कारण विश्व के उत्तरी हिस्से में स्वाइन फ़्लू का ख़तरा और बढ़ सकता है.

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि उत्तरी गोलार्ध के देशों में अब सर्दी का मौसम आने वाला है और ऐसे समय में एच वन एन वन वायरस और फैल सकता है.

डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता ग्रेगरी हर्टल ने कहा, "हम अभी भी चिंतित हैं लेकिन पूरी तरह तैयार हैं."

उनके मुताबिक इसी साल अप्रैल में स्वाइन फ़्लू का एक नया वायरस 'ए एच वन एन वन' पाया गया था जिसे लेकर डब्ल्यूएचओ चिंतित है.

उधर डब्ल्यूएचओ की महानिदेशक मार्गरेट चान का कहना है कि महामारी के दोबारा फैलने का इतिहास रहा है. वो कहती हैं, "हम निश्चित तौर पर नहीं कह सकते कि सबसे बुरा वक़्त ख़त्म हो गया है. हमें इस नए वायरस से निपटने के लिए तैयार रहना होगा."

छह महीने पहले अमरीका और मैक्सिको में स्वाइन फ़्लू के मामले सामने आए थे. तब से अब तक पूरी दुनिया में 1800 लोग इसके शिकार हो चुके हैं.

भारत

भारत में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 50 से ज़्यादा हो गई है.

रविवार सुबह दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि 48 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है.

Image caption बच्चों और बूढ़ों में संक्रमण का ख़तरा ज़्यादा है.

डॉक्टरों के मुताबिक स्वाइन फ़्लू के गंभीर लक्षण पाए जाने पर गुरुवार को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया लेकिन शनिवार शाम उसने दम तोड़ दिया.

पिछले चौबीस घंटे में इस संक्रामक रोग से महाराष्ट्र, गोवा और तमिलनाडु में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई.

महाराष्ट्र के पुणे में 60 साल के एक व्यक्ति की इस बीमारी से मौत हो गई. इस शहर में स्वाइन फ्लू से सर्वाधिक 20 मौते हो चुकी हैं.

स्थिति गंभीर

अगर आँकड़ों के हिसाब से देखें तो हर साल मौसमी बुखार से पूरी दुनिया में ढ़ाई लाख से पाँच लाख लोगों की मृत्यु होती है.

इस लिहाज़ से स्वाइन फ़्लू को अत्यंत घातक श्रेणी में नहीं रखा जा सकता.

लेकिन फैलाव की दृष्टि से यह बीमारी ज़्यादा चिंता पैदा करती है. अब तक कुल 177 देशों में एच वन एन वन से संक्रमित लोग पाए गए हैं.

गर्मी का मौसम इस वायरस के फैलने के लिए अनुकूल है लेकिन जब मौसम में बदलाव आता है तो संक्रमण का ख़तरा ज़्यादा हो जाता है.

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिण अफ़्रीक को छोड़ कर अन्य देशों में स्वाइन फ़्लू का ख़तरा कम हो रहा है.

अब तक पूरी दुनिया में लगभग दो लाख लोग एच वन एन वन से संक्रमित पाए गए हैं लेकिन डब्ल्यूएचओ का कहना है कि संक्रमण की गिनती करना अब ठीक नहीं है.

कुछ विशेषज्ञों की राय में यह संख्या लाखों में हो सकती है क्योंकि हर व्यक्ति टेस्ट कराने लैब तक नहीं जाता है.

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