हरियाणा में भाजपा ने तोड़ा गठबंधन

भाजपा नेता
Image caption पिछली बार भाजपा नेतृत्व के दबाव में चौटाला से गठबंधन हुआ था

भारतीय जनता पार्टी ने इंडियन नेशनल लोकदल से नाता तो़ड़ कर हरियाणा मे अगला विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फ़ैसला किया है.

भारतीय जनता पार्टी के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष कृष्णपाल गुज्जर ने बीबीसी को बताया की सोमवार को इस फ़ैसले की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी.

भारतीय जनता पार्टी और इंडियन नेशनल लोकदल ने पिछला लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा था, पर दोनों ही पार्टियों को एक भी सीट नही मिल पाई थी.

इस ख़राब प्रदर्शन के लिए भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई ने ओमप्रकाश चौटाला की इंडियन नेशनल लोकदल के साथ गठबंधन को ज़िम्मेदार ठहराया था.

विरोध

असल में लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई चौटाला की इंडियन नेशनल लोकदल के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के ख़िलाफ थी, पर आलाकमान के दबाव मे पार्टी ने राज्य मे मिलकर चुनाव लड़ा था.

2004 तक दोनों पार्टियों ने मिलकर राज्य में सरकार चलाई थी, पर पिछले विधानसभा चुनावों में दोनों ही पार्टियों को ज़बरदस्त धक्का लगा था और कांग्रेस पार्टी ने राज्य की 90 मे से 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी.

जानकारों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के इस फ़ैसले का उसे कितना फ़ायदा होगा, ये कहना तो मुश्किल है, पर सत्ताधारी कांग्रेस को इसका फ़ायदा ज़रूर मिल सकता है.

हरियाणा मे लोकसभा चुनाव मे कांग्रेस ने 10 में से नौ सीटें जीत ली थीं और इस जीत का फ़ायदा उठाने के लिए सत्ताधारी कांग्रेस समय से पहले ही चुनाव कराने का फ़ैसला कर चुकी है.

कुल मिलाकर हरियाणा मे पहले से ही कमज़ोर विपक्ष कुछ और बिखर गया है.

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