'टिप्पणी से न्यायपालिका शर्मिंदा नहीं'

सु्प्रीम कोर्ट
Image caption जजों की संपत्ति घोषणा पर विवाद

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन का कहना है कि किसी उच्च न्यायालय के एक जज की टिप्पणी को पूरी न्यायपालिका के लिए शर्मनाक कहना ठीक नहीं है.

नई दिल्ली में पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "सिर्फ़ एक जज की टिप्पणी से पूरी न्यायपालिका कैसे शर्मिंदा हो सकती है. ये एक बड़ी संस्था है."

बालाकृष्णन ने ये टिप्पणी उस सवाल के जवाब में की, जब उनसे पूछा गया कि क्या कर्नाटक हाई कोर्ट के जज शैलेंद्र कुमार की टिप्पणी न्यायपालिका के लिए शर्मनाक है.

शैलेंद्र कुमार ने जजों की संपत्ति की घोषणा के मामले में मुख्य न्यायाधीश के अधिकार पर सवाल उठाया था और कहा था कि इस मामले में वो सभी जजों की ओर से नहीं बोल सकते हैं.

आवश्यकता

बालाकृष्णन ने कहा कि आख़िर एक जज की बात से न्यायपालिका जैसी बड़ी संस्था कैसे शर्मिंदा हो सकती है.

उन्होंने कहा कि शैलेंद्र कुमार ने जजों के बारे में एक सामान्य बात कही थी लेकिन मेरा मानना है कि मुझे ये अधिकार है.

रविवार को न्यायमूर्ति बालाकृष्णन ने कहा था कि शैलेंद्र कुमार ने प्रचार पाने के लिए ऐसा किया है जो एक जज के लिए ठीक नहीं है.

उन्होंने कहा कि जजों की संपत्ति की घोषणा के मुद्दे पर आम सहमति बनाए जाने की आवश्यकता है.

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