आडवाणी मिले मोहन भागवत से

भारतीय जनता पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच रविवार को मुलाक़ातों का दौर चल रहा है.

Image caption आडवाणी पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ा

एक दिन पहले ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि वे भाजपा को बिना मांगे कोई सलाह नहीं देंगे.

भागवत की इस टिप्पणी के बाद से ही भाजपा नेताओं और संघ प्रमुख के बीच मुलाक़ात का सिलसिला शुरू हो गया है.

शुक्रवार शाम को अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, अनंत कुमार और वेंकैया नायडू जैसे कई शीर्ष नेताओं ने मोहन भागवत से मुलाक़ात की.

शनिवार को बारी थी लोकसभा में विपक्ष के नेता और पार्टी के अंदर और बाहर से आलोचना का सामना कर रहे लालकृष्ण आडवाणी की.

आडवाणी ने भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाक़ात की. इन मुलाक़ातों के बीच अटकलों का बाज़ार गर्म है कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है.

इनकार

लेकिन पार्टी इससे इनकार करती है. नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने इससे इनकार किया कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है.

जावडेकर ने कहा, "ये सच है कि पार्टी संकट के दौर से गुज़र रही है. लेकिन नेतृत्व परिवर्तन पर कोई चर्चा नहीं है. पार्टी नेताओं और संघ प्रमुख के बीच मुलाक़ात में देश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई."

शुक्रवार शाम को अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, अनंत कुमार और वेंकैया नायडू ने आरएसएस प्रमुख से मुलाक़ात की. बाद में ये नेता लालकृष्ण आडवाणी से भी मिले.

हाल के दिनों में पार्टी के अंदर और बाहर से लालकृष्ण आडवाणी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है.

पार्टी से निकाले जाने के बाद तो जसवंत सिंह ने आडवाणी के ख़िलाफ़ मोर्चा ही खोला हुआ है, जबकि अरुण शौरी ने भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा था.

कंधार मामले में जानकारी होने के सवाल पर पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा भी अपना मुँह खोल चुके हैं और आडवाणी पर सवाल उठा चुके हैं.

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