'हार के लिए आडवाणी ज़िम्मेदार'

आडवाणी
Image caption आरएसएस ने भाजपा की हार के लिए आडवाणी को ज़िम्मेदार ठहराया है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र ने भाजपा के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी पर निशाना साधते हुए उन्हें पार्टी की हार के लिए ज़िम्मेदार बताया है.

संघ के मुखपत्र ‘पांचजन्य’ के ताज़ा अंक में संघ के वरिष्ठ सदस्य और चिंतक देवेंद्र स्वरूप ने एक लेख में कहा है कि आडवाणी को भावी प्रधानमंत्री के रूप में पेश करना और पूरे चुनाव अभियान को आडवाणी केंद्रित करना बहुत बड़ी राजनीतिक भूल थी. देवेंद्र स्वरूप ने अपने लेख में कहा है कि आडवाणी और भाजपा की इस रणनीतिक भूल का कांग्रेस ने बड़ी चतुरता से इस्तेमाल किया और आडवाणी के लंबे राजनीतिक अनुभव के बजाए उनकी उम्र को उछालकर ‘बुढ़ापा बनाम युवा पीढ़ी’ को चुनाव का मुख्य मुद्दा बना दिया.

आडवाणी पर निशाना साधते हुए इस लेख में कहा गया है कि उन्होंने अपनी आत्मकथा का विभिन्न भाषाओं और देश के अनेक नगरों में जितनी धूमधाम के साथ लोकार्पण कराया, उससे आभास होता है कि वे स्वयं को ‘भारतीय राजनीति के नियति पुरुष' के रूप में देखने लगे थे. इस लेख के अनुसार 'आडवाणी भूल गए थे कि यह सब उल्टा पड़ जाएगा और संघ परिवार का कार्यकर्ता उनकी जिन्ना भक्त की छवि को भुला नहीं पाएगा.'

इसमें कहा गया है कि आडवाणी के मन में यह भाव उत्पन्न होना अस्वाभाविक नहीं था कि वाजपेयी के बाद उन्हें ही रिक्तता को पूरा करना है.

देवेंद्र स्वरूप का कहना है कि आडवाणी के कुछ परामर्शदाताओं ने उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी का अनुसरण करके उदार छवि अपनाने की सलाह दी होगी और शायद इसी सोच में से उनका जिन्ना वाला वह बयान निकला होगा, जो उन्होंने पाकिस्तान यात्रा के समय जिन्ना की मजार पर खड़े होकर दिया था.

लेख में कहा गया कि भाजपा ने यदि ‘लोकतंत्र बनाम वंशवाद’ को अपने चुनाव अभियान का मुख्य मुद्दा बनाया होता तो ‘युवा बनाम बुढ़ापे’ का मुद्दा न उभर पाता.

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