क्या भाजपा का मुद्दा उठेगा बैठक में?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक मंगलवार से हरिद्वार के पास एक गुप्त स्थान पर हो रही है.भारतीय जनता पार्टी में चल रही कलह को देखते हुए इस बैठक को अहम बताया जा रहा है.

माना जा रहा है कि इसमें भारतीय जनता पार्टी की अंतरकलह,लोक सभा चुनाव के बाद कार्यकर्ताओं का गिरा हुआ मनोबल और आगे की नीति पर चर्चा होगी.

बैठक से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पत्रकारों से कहा, "भाजपा में जो कुछ होना है वो पार्टी के लोग तय करेंगे. ये बैठक उसके लिए नहीं है. राजनाथ जी, आडवाणी जी...सब अपने अपने रोल तय करेंगे. भाजपा में आगे सब ठीक होगा. आडवाणी जैसे नैतिक कद वाले लोग वहाँ पर हैं. उनके मार्गदर्शन में सारी बातें वही लोग ठीक करेंगे. हमारा उससे संबंध नहीं है. हमें जो कहना था हमने कह दिया."

मुलाक़ातों का दौर

पिछले चार दिनों में मोहन भागवत ने दिल्ली में भाजपा के लभगभ सभी बड़े नेताओं से बातचीत की. सोमवार को आरएसएस और भाजपा के नेताओं का मिलना-मिलाना जारी रहा.

भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने पार्टी से निकाले गए नेता जसवंत सिंह से मुलाकात की.

अटकलें लगाई जा रही हैं कि ये बैठक जसवंत से ये अनुरोध करने के लिए हुई कि वे पब्लिक एकाउंट्स कमेटी के चेयरमैन पद से हट जाएँ ताकि पार्टी अपने किसी नेता को नामांकित कर सके.

इसके बाद आडवाणी ने लोक सभा स्पीकर मीरा कुमार से भी मुलाकात की.

सूत्रों के अनुसार संघ ने भाजपा में बदलाव का फ़ॉर्मूला दिया है जिस पर आने वाली दिनों में अमल किया जाना है.

जसवंत-जिन्ना प्रकरण के बाद विरोध का स्वर मुखर करने वाले अरूण शॉरी से लेकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूरी तक ने भारतीय जनता पार्टी को संघ के पुराने अनुशासन और चरित्र में ले जाने की बात कही है.

अक्तूबर में आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारणी का भी सम्मेलन है.मौजूदा बैठक में इस सम्मेलन का भी एजेंडा तय किया जाएगा.बैठक में विश्व हिंदू संगठन और एबीवीपी के कुछ वरिष्ठ नेता भी हिस्सा लेंगे.

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