रेड्डी मृत, शुक्रवार को अंतिम संस्कार

राजशेखर रेड्डी
Image caption राजशेखर रेड्डी ने हाल ही में आंध्र प्रदेश में कांग्रेस को दूसरी बार जीत दिलवाई थी

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है. बुधवार से ही उनका हेलिकॉप्टर लापता था.

गुरुवार को सुबह तलाशी अभियान में लगी वायु सेना को दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर का मलबा मिला.

इस दुर्घटना में मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी के अलावा उनके प्रधान सचिव पी सुब्रह्मण्यम, मुख्य सुरक्षा अधिकारी एएससी जॉन वेस्ली, मुख्य पायलट एसके भाटिया और सहायक पायलट एमएस रेड्डी की भी मौत हुई है.

राजशेखर रेड्डी का शव हैदराबाद लाया गया है. अंतिम संस्कार शुक्रवार को उनके गृहग्राम में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में फ़ैसला किया गया कि के रोशैया कार्यवाहक मुख्यमंत्री होंगे. राज्यपाल एनडी तिवारी ने राजभवन में उन्हें शपथ दिलाई है.

अंतिम संस्कार कल

बीबीसी के हैदराबाद संवाददाता उमर फ़ारुक़ के अनुसार राजशेखर रेड्डी और अन्य लोगों के शवों को करनूल ज़िला अस्पताल ले जाया गया है जहाँ पोस्टमॉर्टम किया गया है.

पोस्टमॉर्टम के बाद राजशेखर रेड्डी का शव हैदराबाद लाया गया है. रात भर शव मुख्यमंत्री निवास पर रखा जाएगा.

शुक्रवार को सुबह राजशेखर रेड्डी का शव लाल बहादुर स्टेडियम में आमलोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा.

शाम को शव कड़प्पा ज़िले के पुलिवेंदुला ले जाया जाएगा, जो उनका पैतृक गाँव है.

वे यहीं से विधानसभा का चुनाव भी लड़ते आए हैं.

वहाँ ईसाई धर्म के रस्मो रिवाज़ के अनुसार उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

वहाँ कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों के उपस्थित रहने की संभावना है.

राज्य सरकार ने राज्य में दो दिनों के शोक की घोषणा करते हुए शासकीय अवकाश की घोषणा की है.

शोक का माहौल

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी शुक्रवार को हैदराबाद पहुँचने वाले हैं.

वे राजशेखर रेड्डी के परिजनों से मुलाक़ात करेंगे.

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा, "मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी की मौत से हम गहरे सदमे हैं. ये बहुत बड़ा नुक़सान है. हम मुख्यमंत्री और दुर्घटना में मारे गए अन्य लोगों के परिजनों के प्रति सहानुभूति प्रकट करते हैं."

राजशेखर रेड्डी की मौत की ख़बर आने के बाद दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय में मातम का माहौल देखा गया.

हैदराबाद में मुख्यमंत्री आवास के बाहर सैकड़ों लोग इक़ट्ठा हैं और माहौल काफ़ी ग़मगीन है. गुरुवार की पूरी रात राजशेखर रेड्डी का शव वहाँ रखा जाना है.

कई लोग फूट-फूट कर रो रहे हैं तो कई लोगों को अब भी भरोसा नहीं कि उनके मुख्यमंत्री अब इस दुनिया में नहीं रहे.

बुधवार से ही राजधानी हैदराबाद के अलावा प्रदेश के कई इलाक़ों में राजशेखर रेड्डी की कुशलता के लिए पूजा की जा रही थी.

हादसा

Image caption इसी हेलिकॉप्टर से रवाना हुए थे राजशेखर रेड्डी

बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे राजशेखर रेड्डी हैदराबाद से चित्तूर जाने के लिए रवाना हुए थे.

राज्य सरकार की ओर से दी गई सूचना के अनुसार सुबह 9.35 बजे हेलिकॉप्टर का रेडियो संपर्क टूट गया था.

बुधवार को ही हेलिकॉप्टर की तलाशी के लिए व्यापक अभियान शुरु कर दिया गया था और केंद्र सरकार के निर्देश पर रात में भी खोज जारी रही.

गुरुवार सुबह से ही इस हेलिकॉप्टर की तलाशी के लिए एक बार व्यापक अभियान शुरू किया गया था.

इस काम में पाँच हेलिकॉप्टरों और तीन विमानों को लगाया गया साथ ही ज़मीनी अभियान भी शुरू किया गया था, जिसमें 2000 कमांडो लगाए गए थे.

वायु सेना को इसमें सफलता मिली जब कुरनूल के पूरब आत्माकुर के नज़दीक एक पहाड़ी की चोटी पर हेलिकॉप्टर को देखा गया. लेकिन दुर्गम इलाक़ा होने के कारण सेना के हेलिकॉप्टरों को उतरने में परेशानी हुई.

बाद में दुर्घटनास्थल पर पैरा कमांडो को उतारा गया. जिस दुर्गम इलाक़े में हेलिकॉप्टर का मलबा मिला है, वो नल्लामल्ला पर्वत श्रेणी में आता है.

केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने दिल्ली में बताया कि अभी यह बता पाना संभव नहीं है कि दुर्घटना किस वजह से हुई.

लेकिन केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री पल्लम राजू ने कहा है कि ख़राब मौसम दुर्घटना की वजह हो सकती है.

संवाददाताओं का कहना है कि हेलिकॉप्टर में आग लग गई थी और सभी मृतकों के शव बुरी तरह से जले हुए पाए गए हैं.

राजनीतिक गतिविधियाँ

हाल ही में दूसरी बार राज्य में कांग्रेस की सरकार स्थापित करने वाले राजशेखर रेड्डी के असामयिक निधन ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है.

कांग्रेस ने अपने सबसे योग्य मुख्यमंत्रियों में से एक को खो दिया है.

उनके निधन की ख़बर आने के बाद नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई है.

कांग्रेस कार्यसमिति की एक बैठक भी हुई है जिसमें वाईएसआर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई है.

राज्य में कांग्रेस के प्रभारी महासचिव वीरप्पा मोइली हैदराबाद पहुँच गए हैं.

वहाँ राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में फ़ैसला किया गया कि वाईएसआर मंत्रिमंडल में वित्तमंत्री रहे के रोशैया को कार्यवाहक मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाए.

इसके बाद राज्यपाल एनडी तिवारी ने राजभवन में रोशैया को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई है.

लेकिन शपथ लेने के बाद के रोशैया की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की एक बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि कांग्रेस आलाकमान से अनुरोध किया जाए कि राजशेखर रेड्डी के बेटे जगनमोहन रेड्डी को नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाए.

जगनमोहन रेड्डी कड़प्पा लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं.

राज्य में कांग्रेस के युवा विधायकों और सांसदों ने भी कांग्रेस आलाकमान को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि जगनमोहन को ही मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाए.

हालांकि वीरप्पा मोइली इस समय इस बारे में कोई बात नहीं कर रहे हैं.

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