राजशेखर को अंतिम विदाई

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Image caption आंध्र प्रदेश में ग़म का माहौल है

बुधवार को हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए वाईएस राजशेखर रेड्डी के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है.

वाईएसआर के पार्थिक शरीर को हैदराबाद से भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर एमआई-8 से उनके गृह शहर पुलिवेंदुला लाया गया.

यहां से उन्हें ईदुपुलॉपाई लाया गया है जहां उनका अंतिम संस्कार ईसाई विधि विधान से किया जाएगा.

अपने लोकप्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए पुलिवेंदुला से कडप्पा तक के 25 किलोमीटर के रास्ते पर लाखों लोग उमड़ पड़े और पूरा रास्ता जाम हो गया.

इतनी भीड़ पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामाराव के निधन के बाद भी नहीं देखी गई थी.

पहाड़ियों से घिरी ईदुपुलॉपाई राजशेखर रेड्डी की पसंदीदा जगह थी और उनके परिजनों की सहमति से उन्हें यहीं दफ़नाने का फ़ैसला हुआ.

उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

इससे पहले हैदराबाद के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में वाईएसआर का शव लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था. यहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भी हैदराबाद पहुँचे और राजशेखर रेड्डी के पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाए.

इनके अलावा लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और कई अन्य राजनेताओं ने हैदराबाद पहुँच कर राजशेखर रेड्डी को श्रद्धांजलि दी.

ग़मगीन माहौल

राजशेखर रेड्डी की मौत से आंध्र प्रदेश में सदमे का माहौल है.

Image caption अंतिम दर्शन के लिए हैदराबाद में लोग जुट रहे हैं

स्थानीय मीडिया के मुताबिक़ राजशेखर रेड्डी की मौत के सदमे से आंध्र प्रदेश में गुरुवार से अब तक 67 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें से 10 लोगों ने आत्महत्या की है. बाक़ी की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है.

आठ अन्य लोगों ने भी आत्महत्या के प्रयास किए हैं. इनमें कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम लोग भी हैं, जिन्होंने वाईएसआर की अनेक कल्याण योजनाओं से फ़ायदा उठाया था.

एक बुजुर्ग दंपत्ति ने गोदावरी नदी में छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की है, लेकिन उन्हें बचा लिया गया है.

दक्षिण भारत में नेताओं के साथ लोगों के काफ़ी भावनात्मक संबंध रहे हैं. राजशेखर रेड्डी प्रदेश में अपनी कल्याणकारी योजनाओं के कारण काफ़ी लोकप्रिय थे.

पूरे राज्य में शोक की लहर है. लोग रो-पीट रहे हैं. हैदराबाद में हज़ारों लोगों की भीड़ जमा है.

सवाल

बुधवार को राजशेखर रेड्डी का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. हेलिकॉप्टर की तलाश में लगी सेना को गुरुवार को हेलिकॉप्टर का मलबा नल्लामल्ला की पहाड़ी से मिला था.

Image caption वाईएसआर के उत्तराधिकारी पर भी चर्चा तेज़

माना जा रहा है कि ख़राब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर रास्ता भटक गया और फिर पहाड़ी की एक चोटी से जा टकराया.

केंद्र सरकार ने इस हादसे की जाँच का आदेश दिया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने चार सदस्यीय एक जाँच समिति का गठन किया है.

इस दुर्घटना में मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी के साथ उनके प्रधान सचिव पी सुब्रह्मण्यम, मुख्य सुरक्षा अधिकारी एएससी जॉन वेस्ली, मुख्य पायलट एसके भाटिया और सहायक पायलट एमएस रेड्डी की भी मौत हो गई.

इस दुर्घटना पर कई सवाल भी उठ रहे हैं. सवाल ये पूछा जा रहा है कि ख़राब मौसम में हेलिकॉप्टर रवाना क्यों हुआ.

राज्य सरकार के पास दो आधुनिक हेलिकॉप्टर हैं, लेकिन इस मामले में पुराना हेलिकॉप्टर क्यों इस्तेमाल किया गया.

राज्य के पुलिस महानिदेशक श्याम सुंदर प्रसाद यादव ने कहा कि हेलिकॉप्टर के इमरजेंसी लैडिंग ट्रांसमीटर ने काम क्यों नहीं किया, इसकी भी जाँच की जाएगी.

कौन बनेगा मुख्यमंत्री?

इस बीच राजशेखर रेड्डी के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पद के लिए भी चर्चा तेज़ हो गई है. वित्त मंत्री के रोसैया को फ़िलहाल मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है.

Image caption जगनमोहन को मुख्यमंत्री बनाने की मांग हो रही है

लेकिन इस दौड़ में राजशेखर रेड्डी के बेटे जगनमोहन रेड्डी भी शामिल हैं. जगनमोहन इस समय कडप्पा से पार्टी के सांसद हैं.

पार्टी के 156 में से ज़्यादातर विधायक उन्हें नया मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं. हालाँकि जगनमोहन के ख़िलाफ़ जो बातें जाती हैं, उनमें पहला ये है कि वे राजनीति में नए हैं और पहली बार उन्होंने चुनाव लड़ा है.

लेकिन पार्टी विधायकों और राज्य से पार्टी सांसदों में से ज़्यादतर उन्हें मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहते हैं. एक नाम केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी का भी है. लेकिन उन्हें राज्य की राजनीति में कम केंद्रीय राजनीति का ज़्यादा अनुभव है.

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