आंध्र में मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण

  • 6 सितंबर 2009
रोसैया
Image caption रोसैया को पहले ही मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जा चुकी है.

राजशेखर रेड्डी के निधन के बाद आंध्र प्रदेश में के रोसैया के नेतृत्व में नए मंत्रिमंडल को शपथ दिला दी गई है. राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी ने मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

के रोसैया को पहले ही मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जा चुकी है. क़ानून विशेषज्ञों का कहना है कि संवैधानिक दृष्टि से इस समय राज्य में कोई मंत्रिमंडल नहीं था. लिहाज़ा मंत्रिमंडल को दोबारा शपथ दिलाना जरुरी था.

राजशेखर रेड्डी के मंत्रिमंडल में 34 मंत्री थे.

दो मंत्री रघुवीर रेड्डी और बी सत्यनारायण रेड्डी पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के क़रीबी माने जाते हैं. इन्होंनें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी श्रीनिवासन से मुलाक़ात की है और जगन मोहन रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाने का अनुरोध किया है

ख़ुद मुख्यमंत्री रोसैया ने भी कहा है कि, "हाई कमान मुझे जो भी निर्देश देगा, वो मैं करूँगा. अगर हाई कमान मुझे हुसैन सागर में कूदने को कहेगा तो भी मैं आदेशों का पालन करूँगा."

रेड्डी समुदाय का गणित

वाईएसआर के समर्थक और राज्य कांग्रेस चाहती है कि जल्द से जल्द इस मामले को निपटाया जाए. लेकिन ऐसे संकेत है हाई कमान जल्दबाज़ी से काम लेना नहीं चाहता है.

इस पूरी कवायद में रेड्डी बिरादरी का बहुमत और वर्चस्व भी अहम कारक बना हुआ है.

कांग्रेस विधायक दल के 156 सदस्यों में से 56 रेड्डी समुदाय के हैं और 33 सांसदो में से 11 रेड्डी हैं. रेड्डी बिरादरी जगन मोहन को मुख्यमंत्री बनाने की मांग तो कर रहा है पर पेंच ये है कि उनके पास मुख्यमंत्री पद के लिए अनुभव की कमी है.

हाई कमान का कहना है कि अभी तो शोक का समय है और इसलिए जगन मोहन समर्थक अपनी गतिविधियां बंद करें.

इस बीच विधायकों की होने वाली बैठक रद्द कर दी गई है और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की याद में होने वाली पदयात्रा भी रद्द कर दी गई है.

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