छात्राओं की मौत के बाद तनाव

रोते बिलखते लोग ( फोटो एपी)
Image caption स्कूल में बच्चों की बड़ी तादाद थी और बारिश के बाद शाट शर्किट की अफ़वाह फैल गई थी.

दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में मची भगदड़ के कारण पाँच छात्राओं की मौत हो गई है जिसके बाद इलाक़े में तनाव है.

इस घटना में कम से कम 24 बच्चे घायल हैं. घायलों में चार की हालत गंभीर है.

कक्षा ग्यारह में पढ़ने वाली अफ़रोज़ की मां ने अस्पताल के बाहर रोते रोते कहा,'' अफ़रोज़ रोज़े रख रही थी और अब अस्पताल वाले कह रहे हैं कि मृत शरीर का पोस्टमार्टम करेंगे. हम ये नहीं चाहते हैं. हमारा तो सबकुछ पहले ही ख़त्म हो गया है.''

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष जय प्रकाश अग्रवाल ने अस्पताल में घायलों का हाल-चाल लेने के बाद बीबीसी को हादसे के बारे में बताया " दो तरह की बातें सुनने में आ रहीं हैं. पहली तो ये है की ये सब करंट की की वजह हुआ है. दूसरा वर्जन वहां स्कूल में ये है कि प्रिंसिपल ने जो लड़के थे उनको लड़कियों की क्लास में बैठने की इजाज़त दे दी पर्चा भरने के लिए और उसी वजह से वहां पर बदमजगी हुई है और वहां से झगड़ा हुआ है. इसेसे भगदड़ मच गई और बच्चे एकदम भागने लगे. अब ये तो पुलिस जांच कर के बताएगी की इन दोनों में से सच क्या है ."

ये स्कूल पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास इलाक़े में स्थित है. बुधवार रात से ही दिल्ली में लगातार बारिश हो रही है. गुरुवार सुबह स्कूल में ये अफ़वाह उड़ी कि स्कूल परिसर में जमा पानी में करंट आ गया है.

इसके बाद शिक्षकों ने विद्यार्थियों को कमरा ख़ाली करने को कहा.

छात्रों में बाहर निकलने की होड़ सी लग गई. पतले दरवाज़े से बाहर निकलने की होड़ और धक्का-मुक्की में पाँच छात्राओं की मौत हो गई और कई घायल हो गईं.

घायलों को गुरु तेग बहादुर अस्तपाल में भर्ती कराया गया है. राज्य सरकार ने दुर्घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं.

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित घायलों से मिलने गुरु तेग बहादुर अस्पताल पहुँची हैं. उन्होंने मारी गईं छात्राओं के परिजनों को एक-एक लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की. साथ ही घायलों को 50-50 हज़ार रुपए दिए जाएँगे.

शीला दीक्षित ने कहा कि अभी ऐसा नहीं लगता कि स्कूल की ओर से कोई ग़लती हुई है. लेकिन इसकी जाँच की जाएगी. मामले की जाँच उपायुक्त करेंगे.

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