'शुक्रवार शाम तक काम बंद हो'

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा है कि वो शुक्रवार को शाम सात बजे तक लखनऊ में विभिन्न स्मारकों पर चल रहा काम बंद कर दे.

कोर्ट ने ये भी कहा कि शुक्रवार शाम के बाद से स्मारकों के आस-पास चौकीदारों और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों के अलावा दूसरा कोई व्यक्ति मौजूद नहीं रहना चाहिए.

जस्टिस बीएन अग्रवाल और आफ़ताब आलम ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस भी जारी किया.

आरोप है कि कथित तौर पर कोर्ट के आठ सितंबर के आदेश का उल्लंघन किया गया है. तब उत्तर प्रदेश सरकार ने ये आश्वासन दिया था कि वो स्मारकों से जुड़े निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ाएगी.

कोर्ट ने मुख्य सचिव से अंबेदकर पार्क में चल रहे निर्माण कार्य पर सवाल पूछे हैं.

स्मारकों पर विवाद

सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश मीडिया की उन रिपोर्टों के बाद दिया है जिनमें दिखाया गया था कि आश्वासन के बावजूद अंबेदकर पार्क में काम जारी है.

आठ सितंबर को कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की थी कि वो लखनऊ में कांशी राम और अन्य दलित नेताओं के स्मारक बनवाने पर 2600 करोड़ रुपए ख़र्च कर रहा है.

खंडपीठ ने कहा था कि सरकार लोगों के पैसों को इस तरह स्मारकों पर बर्बाद नहीं कर सकती.

मायावती सरकार ने कुछ महीने पहले 35 एकड़ में फैले अंबेदकर स्थल से सटी ग्रीन बेल्ट ज़मीन के इस्तेमाल से जुड़े नियम बदल दिए थे और स्मारक बनाने के लिए कई इमारतों को गिरा दिया था.

इन स्मारकों के ख़िलाफ़ कई जन हित याचिकाएँ दायर की जा चुकी हैं.

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