चैटिंग जोड़े या अलग करे?

वकील के साथ कमल
Image caption कमल अपनी पत्नी की चैटिंग की आदत से परेशान हो कर वकील से सलाह ली.

तलाक के इतिहास में शायद ये अपनी तरह का अनोखा और पहला मामला होगा जहाँ पति ने अपनी बीवी की इन्टरनेट पर बात करने की आदत से परेशान होकर तलाक की अर्जी दाखिल की है.

29 वर्षीय कमल मिश्र और 26 वर्षीय संजना तिवारी की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी लेकिन सिर्फ सात ही महीने में संजना की इन्टरनेट पर बात करने की लत से तंग आकर कमल मिश्र ने तलाक का रास्ता चुना.

कमल कहते है, "वो शुरू से ही बहुत कड़क तरीके से रहती थी और घर में किसी का ध्यान नहीं रखती थी. पहले मुझे लगा कि शायद नए घर में आने से वो एडजस्ट नहीं कर पा रही है पर मैं गलत था. शादी के कुछ दिनों में ही मुझे पता चला की वो इन्टरनेट की बहुत आदी है और उसके आगे उसके लिए परिवार या पति कोई मायने नहीं रखता है."

कमल बताते हैं संजना ने कभी उन्हें अपना पति नहीं माना और न ही इनके परिवार वालों को.

उनका कहना था "चूंकि मेरे घर पर कंप्यूटर नहीं था इसलिए वो हर दिन शाम 5.30 बजे घर से निकल जाती थी और 8.30 के बाद ही वापस आती थी."

कुछ दिनों तक ऐसा ही चलता रहा लेकिन फिर कमल ने अपनी एक रिश्तेदार को उस साइबर कैफे में पता लगाने के लिए भेजा कि आखिर उनकी पत्नी इतनी देर तक करती क्या है. "मैं यह जानकार हैरान रह गया की वो वह पर इन्टरनेट के जरिए चैट करती है और कई सोशल नेट्वर्किंग साइट्स पर वो शामिल है."

Image caption संजना कमल के आरोपों को ग़लत क़रार देती हैं.

कमल ने जब संजना से इसका कारण पूछा तो संजना का कहना था कि उन्हें अपने पति और उनके परिवार के बदले अजनबियों से बात करना ज्यादा पसंद है.

इसी बीच कमल को अपने काम के सिलसिले में दक्षिण अफ्रीका जाना पड़ गया.

वो कहते हैं "मुझे लगा शायद कुछ दिन मेरे यहाँ नहीं रहने से शायद इसमें कुछ बदलाव आ जाये. लेकिन मैं गलत था."

कमल मिश्र के अनुसार अब वो संजना की इस आदत को और नहीं झेल सकते है और इससे दूर जाने में ही बेहतरी है.

संजना के इस आदत की और जानकारी कमल को उसके मायके से भी पता चली कि संजना को इन्टरनेट पर बात करने की बहुत आदत है.

एक महीने बाद जब कमल वापस आए तो संजना अपने मायके जा चुकी थी.

वह कहते हैं, "उसके मायके जाकर मैंने उससे बात करने की भी कोशिश की लेकिन उसने मना कर दिया."

उधर औरंगाबाद से संजना का कहना था, "कमल की बातों में कोई सच्चाई नहीं है. तलाक लेने के लिए उनको ये सब बातें नहीं लिखनी चाहिए. मैं अभी और कुछ नहीं बता सकती. जब जरुरत पड़ेगी तो मैं बात करुँगी."

कमल मिश्र की वकील प्रियंका मेहता की मानें तो उनके लिए भी ये एक अनोखा केस है.

वो कहती हैं, "इन्टरनेट पर बात करने में कोई बुराई नहीं है लेकिन उसको अपनी आदत बना लेना गलत है. इस केस में वही हुआ है. संजना के लिए अपने परिवार से ज्यादा इन्टरनेट है.हमने मुंबई के फ़ैमिली कोर्ट में याचिका दायर कर दी है"

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