थरूर ने बयान पर खेद जताया

  • 18 सितंबर 2009
शशि थरूर
Image caption शशि थरूर ने ट्विटर के ज़रिए माफ़ी माँगी है.

भारत के विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने एक सोशल नेटवर्क साइट पर दी गई अपनी उस टिपण्णी के लिए माफ़ी मांगी है जिसमे उन्होंने हवाई जहाज़ के रियायती दर्जे (ईकोनॉमी क्लास) को मवेशी श्रेणी जैसा बताया था.

थरूर ने कहा है कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है क्योंकि उन्होंने एक सवाल के जवाब में ही इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने की तुलना मवेशी श्रेणी से की थी.

उनके बयान से बड़ा विवाद उठ खड़ा हुआ है और उनकी अपनी कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई है.

जहाँ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनके इस्तीफे की मांग की थी, वहीं कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने उनकी राय को 'अस्वीकार्य' करार देते हुए कहा था कि "शायद उन्हें स्थानीय भावनाओं का एहसास नहीं है क्योंकि वो भारतीय राजनीती में अभी नए हैं."

बढती हुई आलोचनाओं के बीच विदेश राज्यमंत्री थरूर ने ट्विटर पर संदेश दिया,"ये एक अनावश्यक प्रयोग है लेकिन इकोनॉमी क्लास में सफ़र करने वालों के अनादर के लिए नहीं इस्तेमाल किया गया था. अर्थ सिर्फ़ उन विमान कंपनियों के लिए था जो हमें मवेशियों की तरह अंदर धकेल देते हैं. लोग इसका गलत अर्थ निकाल रहे हैं."

साथ ही थरूर ने ट्विटर में लिखा कि उन्होंने इस घटना से सबक ज़रूर ले लिया है, "मुझे इस बात का एहसास हो रहा है कि मुझे ये नहीं मान लेना चाहिए कि लोग मज़ाक को समझ ही लेंगे. आपको उन लोगों को ऐसे मौके नहीं देने चाहिए जिनसे वो मौका पड़ने पर आपके शब्दों को तोड़-मरोड़ के पेश करें."

विदेश मंत्री थरूर इन दिनों लाइबेरिया के सरकारी दौरे पर हैं और कल रात को उन्होंने अपने बयान से उठे विवाद के लिए ट्विटर पर ही माफ़ी मांगी.

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