'माफ़ी नहीं, इस्तीफ़ा दें थरूर'

मुख्य मंत्री अशोक गहतोल
Image caption अशोक गहलोत इससे पहले भी थरूर से इस्तीफ़े की माँग कर चुके हैं.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर के हवाई जहाज़ के रियायती दर्जे को 'मवेशी श्रेणी' बताने वाले बयान पर उनसे इस्तीफ़े की अपनी माँग को दोहराया है.

गहलोत ने कहा है कि थरूर को अपनी टिपण्णी के लिए माफ़ी ही नहीं, अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए.

मुख्यमंत्री का कहना है, "बेहतर होगा कि प्रधान मंत्री या हाई कमान के इस्तीफ़ा मांगने से पहले ही वो पद छोड़ दें."

ग़ौरतलब है कि विदेश राज्य मंत्री ने हवाई यात्रा में किफ़ायत बरतने की केंद्र सरकार की हिदायत पर सोशल नेटवर्किंग साइट के ज़रिए कहा था कि वो रियायती दर्जे में तो क्या, मवेशियों की श्रेणी में भी सफ़र करने को तैयार होंगे.

हालाँकि बाद में थरूर ने अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी माँग ली.

'खिल्ली उड़ाने वाला'

थरूर की इस टिप्पणी की कांग्रेस में तीखी प्रतिक्रिया हुई. इसे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के मितव्ययता बरतने के क़दम की खिल्ली उड़ाने वाला माना गया.

गहलोत का कहना है, "विदेश राज्य मंत्री की टिपण्णी से देश के लाखों लोगों की भावनाए आहत हुई हैं."

Image caption विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने हवाई जहाज़ के रियायती दर्जे को 'मवेशी श्रेणी' बताया था

उन्होंने आगे कहा, "किसी को भी ऐसी बात कहने हक़ नहीं है. इस मुल्क में जब ّभी प्राकृतिक आपदा आई है और संकट से जूझने के लिए सरकारों ने किफ़ायत के क़दम उठाए हैं तो अवाम ने उसका स्वागत किया है."

गहलोत ने यह भी कहा, "थरूर को ध्यान रखना चाहिए था कि वो केंद्रीय मंत्री हैं. एक केंद्रीय मंत्री के ऐसे बयान से सभी आहत हुए हैं, इसीलिए मैंने इसकी निंदा की थी."

मुख्यमंत्री का कहना था कि उनकी सरकार ने भी फ़िजूल ख़र्ची रोकने वाले क़दम उठाए हैं.

उन्होंने बताया, ''ये कोई नई बात नहीं है, जब भी भूकंप या सूखा या बाढ़ जैसी आपदा आई है, सरकारें ऐसे क़दम उठती रही है.

गहलोत को कांग्रेस के शक्ति केंद्र 10 जनपथ का वफ़ादार सिपाही माना जाता है, ऐसे में टीकाकारों की राय में गहलोत जैसे कम बोलने वाले नेता की इतनी तीखी प्रतिक्रया आना, बिना हाई कमान के इशारे के संभव नहीं है.

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