झारखंड में अफ़वाह से हड़कंप

अस्पताल में एक मरीज़
Image caption ज़्यादातर लड़कियों को आरंभिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है

ईद की पूर्व संध्या पर झारखंड में यह अफ़वाह उड़ गई है कि मेहंदी लगाने से लड़कियाँ मर रही हैं.

इस अफ़वाह से राज्य के कई शहरों में अफ़रातफ़री मच गई. हालात ऐसे थे कि मस्जिदों से यह ऐलान किया गया है कि लड़कियाँ मेहंदी न लगाएँ.

मेहंदी लगा चुकी कई लड़कियाँ अनहोनी की आशंका से अस्पताल भी पहुँच रही हैं.

लेकिन डॉक्टरों ने कहा है कि किसी की मौत की कोई ख़बर नहीं है और अस्पताल पहुँचने वाली लड़कियाँ अफ़वाह की वजह से बदहवास हो गई हैं और उन पर अफ़वाह का मनोवैज्ञानिक असर अधिक है.

छोटा नागपुर इलाक़े के डीआईजी का कहना है कि यह अफ़वाह है और स्थिति नियंत्रण में है.

झारखंड की अफ़वाह का असर बिहार में भी दिखाई पड़ा और रात तक पटना के पास दानापुर में भी छिटपुट रुप से ऐसी अफ़वाह फैली थी.

अफ़वाह

सोमवार को देश भर में ईद मनाई जानी है और इसके लिए लड़कियाँ मेंहंदी लगाती हैं.

लेकिन रात को यह अफ़वाह उड़ गई कि मेंहदी लगाने से लड़कियाँ मर रही हैं.

राँची में हज़ारीबाग, चाईबासा, जगन्नाथपुर, जयतगढ़ और गिरीडीह समेत कई शहरों से ये ख़बरें आती रहीं कि वहाँ मेंहंदी लगाने से लड़कियों की मौत हो गई हैं.

हालांकि हर जगह से लोग फ़ोन करके यह जानने की कोशिश करते रहे कि क्या किसी और शहर में ऐसा हादसा हुआ है. लेकिन देर रात तक ऐसी कोई ख़बर नहीं मिली और हर शहर में किसी और शहर में ऐसा होने की अफ़वाह थी.

लेकिन इस बीच अचानक अस्पतालों में हाथों में मेहंदी लगाए लड़कियों के आने का सिलसिला शुरु हो गया.

राँची के अंजुमन इस्लामिया अस्पताल और राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में आधी रात तक ढाई सौ से अधिक लड़कियों का इलाज किया जा चुका था.

आधी रात के बाद तक अंजुमन इस्लामिया अस्पताल में कोई 20 लड़कियाँ भर्ती थीं और राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में 14-15 लड़कियाँ भर्ती थीं.

लेकिन आधी रात के बाद तक अस्पतालों के बाहर भीड़ लगी हुई थी और लड़कियों का अस्पताल पहुँचना जारी था.

ख़राब मेहंदी

Image caption अस्पतालों में आधी रात के बाद तक भीड़ दिखाई पड़ती रही

डॉक्टरों का कहना है कि हो सकता है कि मेहंदी में या तो कोई रसायन मिल गया हो या फिर कोई ऐसी जड़ी-बूटी मिल गई हो जिसकी वजह से एलर्जी हो रही हो.

डॉक्टरों का कहना है कि इन लड़कियों के हाथों में मेंहंदी की वजह से कुछ दाने तो ज़रुर निकले हैं लेकिन वह घातक नहीं है और जिन को भर्ती किया गया है उन्हें बदहवासी के कारण परेशानी हो रही थीं.

उनका कहना है कि यह अफ़वाह का मनोविज्ञानिक असर ज़्यादा दिखता है.

लेकिन ऐसा असर राँची के बाहर भी दिख रहा है और दूसरे शहरों में भी लड़कियों को अस्पताल ले जाना पड़ा है.

उड़ीसा से लगे जयतगढ़ में ऐसी अफ़वाह उड़ने के बाद लड़कियों को क्योंझर में चंपा अस्पताल में ले जाया गया है.

छोटा नागपुर क्षेत्र के डीआईजी राजकुमार मलिक को रात डेढ़ बजे तक इस अफ़रातफ़री की कोई जानकारी नहीं थी. बीबीसी ने फ़ोन पर उन्हें यह जानकारी दी और थोडी़ देर बाद उन्होंने बताया, "ऐसा लगता है कि मेहंदी का पुराना स्टॉक रहा होगा या कोई रसायन ऐसा रहा होगा जिससे हाथ में खुजली हुई होगी लेकिन यह कोई गंभीर बात नहीं है."

उनका कहना था कि अफ़वाह की वजह से ऐसा हुआ है और सिर्फ़ राँची में ऐसा हुआ है.

उनका दावा था कि सभी पुलिस थानों के अधिकारी सतर्क हैं और स्थिति नियंत्रण में है.

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