माओवादियों ने घेरा माकपा कार्यालय

सुरक्षा बल
Image caption पश्चिम बंगाल के लालगढ़ इलाक़े में पिछले एक वर्ष से तनाव का माहौल है

पश्चिम बंगाल के वेस्ट मिदनापुर ज़िले में माओवादी चरमपंथियों और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थकों के बीच ज़बर्दस्त गोलीबारी चल रही है.

माओवादियों ने वेस्ट मिदनापुर के इनायतपुर गांव में माकपा के एक पार्टी कार्यालय को घेर लिया है और धमकी दी है कि अगर रात में अपने हथियार नहीं सौंपते तो वो पूरे कार्यालय को उड़ा देंगे.

ख़बरों के अनुसार इस कार्यालय में माकपा के क़रीब अस्सी कार्यकर्ता कार्यालय में हैं.

पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ घंटों से दोनों गुटों के बीच भीषण गोलीबारी चल रही है.

ज़िले के पुलिस सुपरिटेंडेंट मनोज वर्मा का कहना है कि माओवादियों ने संभवत माकपा पार्टी कार्यालय के आसपास बारुदी सुरंगें बिछा रखी हैं इसलिए पुलिस दल को घटनास्थल पर भेजने में देरी हो सकती है.

उनका कहना था, ‘‘हमें हर तरह की सावधानी बरतनी होगी क्योंकि रात के अंधेरे में माओवादी पुलिस गश्ती दल को निशाना भी बना सकते हैं.’’

उधर माओवादी नेता किशनजी ने गुप्त ठिकाने से बीबीसी को बताया कि इनायतपुर के माकपा कार्यालय में बड़ी संख्या में हथियार हैं और वो इसका इस्तेमाल माओवादियों को समर्थन दे रहे ग्रामीणों के ख़िलाफ़ करने वाले हैं.

किशनजी का कहना था, ‘‘माकपा के कार्यकर्ता स्थानीय महिलाओं को परेशान करते हैं, इसीलिए हज़ारों ग्रामीणों ने हमारे छापामारों की अगुआई में माकपा कार्यालय को घेर लिया है. अगर माकपा कार्यकर्ता जल्दी ही हथियार नहीं डालते तो हम इस कार्यालय को उड़ा देंगे और उनकी मौत के लिए हमारी ज़िम्मेदारी नहीं होगी.’’

गांववालों का कहना है कि माकपा की कई कार्यकर्ताओं को चोटें भी लगी हैं और गोलीबारी में कुछ कार्यकर्ताओं की मौत भी हुई है लेकिन इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है क्योंकि पुलिस और अर्धसैनिक बल वहां पहुंच नहीं पा रहे हैं.

जून महीने में पुलिस और अर्ध सैनिक बलों ने जब से लालगढ़ और उसके आसपास माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान शुरु किया है उसके बाद से अब तक क़रीब तीस माकपा समर्थक मारे जा चुके हैं.

माओवादी अभी भी इस इलाक़े में सक्रिय हैं और माकपा कार्यकर्ताओं के साथ साथ सुरक्षा बलों को को निशाना बना रहे हैं.

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