बिजलीघर की चिमनी गिरी, कई हताहत

Image caption अभी भी मज़दूरों के दबे होने की आशंका है. (तस्वीर: मनीष मुखर्जी)

छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में भारत एल्युमिनियम कंपनी (बाल्को) के एक निर्माणाधीन बिजलीघर की चिमनी गिर जाने की वजह से कई मज़दूर हताहत हुए हैं.

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अब तक 22 शव निकाले जा चुके हैं.

घायलों को ज़िले के अलग-अलग अस्पतालों में पहुँचाया गया है. राहत कार्य रात भर जारी रहेगा.

स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि घटना के बाद मज़दूरों ने जीडीसीएल के एक अधिकारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा है जिससे उनकी मौत हो गई है.

पत्रकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मारे गए मज़ूदरों के लिए एक एक लाख रूपए के मुआवजे का एलान किया है और बाल्को प्रबंधन के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है.

वहाँ मौजूद पत्रकार गेंदलाल शुक्ल का कहना है कि ज़िलाधीश अशोक अग्रवाल ने बताया कि जब दुर्घटना हुई तो चिमनी के ऊपर 40 से 50 मज़दूर काम कर रहे थे और कई मज़दूर नीचे काम कर रहे थे.

अशोक अग्रवाल का कहना है कि मलबे के नीचे लगभग सौ मज़दूर दबे हो सकते हैं.

घटना दोपहर तीन बजकर 40 मिनट की है.

अभी चिमनी के गिरने के कारणों का ठीक-ठीक पता नहीं चला है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि बरसात के बीच बिजली गिरने से यह घटना हुई है.

बाल्को ने इसके निर्माण की ज़िम्मेदारी चीनी कंपनी सेप्को को दी थी और सेप्को ने जीडीसीएल नाम की कंपनी को निर्माणकार्य का ठेका दिया हुआ है.

चिमनी का निर्माण 275 मीटर होना था और इसका निर्माण 220 मीटर तक हो चुका था. चिमनी का घेरा क़रीब 50 मीटर का था.

घटना के समय बरसात के साथ आँधी भी चल रही थी जिससे बचने के लिए बहुत से मज़दूर एक कैंटीन और स्टोर रूम में चले गए थे.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चिमनी इस कैंटीन और स्टोर रुम के ऊपर ही गिर गई.