रुचिरा को क्लिंटन अवार्ड

रुचिरा
Image caption रुचिरा गुप्ता को यह पुरस्कार अभिनेत्री डेमी मूर के हाथों मिला

एक भारतीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता रुचिरा गुप्ता को क्लिंटन ग्लोबल सिटिज़न अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड समाज कल्याण और निजी क्षेत्र में सकारात्मक और दुनिया में स्थायी बदलाव के लिए प्रयास कर रहे लोगों को दिया जाता है.

उन्हें ये पुरस्कार देह व्यापार और महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा को रोकने में योगदान के लिए दिया गया है.

क्लिंटन ग्लोबल इनिशियेटिव की वार्षिक बैठक के मौक़े पर न्यूयॉर्क में उन्हें इस अवार्ड से सम्मानित किया गया.

'आज अकेली नहीं'

इस अवसर पर रुचिरा गुप्ता ने बीबीसी हिंदी के साथ बातचीत में कहा, "मुझे लगता है कि मैं आज अकेली नहीं हूँ. मेरे साथ बहुत लोग खड़े हैं. जब मैंने 15 साल पहले ये काम शुरु किया था – देह व्यापार को रोकना का – तब लगता था कि ये काम अकेले करना पड़ेगा. अब ऐसा प्रतीत होता है कि दुनिया में कुछ ऐसे बड़े नेता भी हैं जो अब इस मामले में नेतृत्व देने के लिए तैयार हैं."

उनका कहना है कि उन्हें इस सम्मान से प्रोत्साहन मिला है.

बीबीसी के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "पंद्रह साल से मैं कोशिश कर रही थी कि मैं अपनी सरकार को और लोगों को समझा पाऊँ. आज भी एक करोड़ से ज़्यादा बच्चियाँ देह व्यापार में फँसी हुई हैं. हमारे देश में ही नहीं अनेक जगहों पर महिलाएँ ये परेशानी झेल रही हैं. मैं कम से कम तीन हज़ार औरतों और बच्चियों को देह व्यापार से बचाना चाहती हूँ और मैंने आज ये संकल्प किया है."

वे पिछले कई साल से इस काम में जुटी हुई हैं और मुंबई के रेड लाइट इलाक़े की यौन कर्मियों के लिए वर्ष 1998 में शुरु किए गए अपने आप विमेन वर्ल्डवाइड के लिए जानी जाती हैं.

वे इस संस्था के ज़रिए संयुक्त राष्ट्र, अमरीका, स्वीडन, नॉर्वे, कोरिया और फिलिपींस में क़ानून में बदलाव की माँग कर चुकी हैं.

'अपने आप' संस्था सहयोग संगठनों को बनाकर महिलाओं और बच्चियों को शिक्षा, कमाई के ज़रिए, प्रशिक्षण और क़ानूनी सुरक्षा उपलब्ध कराती है. ऐसे 67 सहयोग संगठनों के ज़रिए एक साल के भीतर ये संस्था तीन हज़ार महिलाओं को देह व्यापार से बचाने का प्रयास कर रही है.

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