बाल्को दुर्घटना: चीन के इंजीनियरों की तलाश

बाल्को दुर्घटना
Image caption चिमनी गिरने से 40 से ज़्यादा लोग मारे गए.

छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में भारत एल्युमिनियम कंपनी (बाल्को) के निर्माणाधीन बिजलीघर में हुई दुर्घटना के मामले में पुलिस वहां काम कर रहे चीन के इंजीनियरों की तलाश कर रही है.

बुधवार को इस बिजलीघर की चिमनी गिरने से चालीस से ज़्यादा मज़दूर मारे गए थे.

बिजलीघर बनाने का ठेका चीन की कंपनी शांडोंग इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (सेप्को) को दिया गया था और इस कंपनी के लगभग 80 इंजीनियर और मज़दूर यहां काम कर रहे थे.

लेकिन दुर्घटना के बाद सारे चीनी इंजीनियर अचानक गायब हो गए. कोरबा के पुलिस अधीक्षक रतन लाल डांगे कहते हैं, "चीन के ये सारे लोग निर्माणाधीन इकाई के कैंपस में ही रह रहे थे. दुर्घटना के बाद सुरक्षा कारणों से उन्हें कोरबा से बिलासपुर ले जाया गया था लेकिन ये अचानक गायब हो गए."

हवाई अड्डों पर सतर्कता

पुलिस अधिकारी रतन लाल डांगे के मुताबिक ये दिल्ली और कोलकाता गए होंगे लेकिन दुर्घटना की जाँच में इन लोगों का बयान लेना ज़रूरी है.

उन्होंने बताया कि चिमनी गिरने के बाद प्रशासन का सारा ध्यान बचाव कार्य में लगा रहा और चीनी इंजीनियरों के बयान नहीं लिए गए.

लेकिन अब प्रशासन हरकत में आया है. डर ये है कि कहीं सेप्को के ये कर्मचारी बिना बयान दिए अपने देश वापस न लौट जाएँ.

मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है और मंत्रालय ने सभी हवाई अड्डों और बंदरगाहों को सतर्क कर दिया है.

चीन के सभी इंजीनियरों के पासपोर्ट नंबर और वीज़ा नंबर भी हवाई अड्डों को फैक्स कर दिए गए हैं.

तमाम कोशिशों के बावजूद चीनी कंपनी सेप्को के किसी अधिकारी से कोई संपर्क नहीं हो पाया. उधर बाल्को के अधिकारियों का कहना है कि वो भी सेप्को के अधिकारियों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं.

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