'आतंकवाद से संगठित होकर लड़ें'

एसएम कृष्णा
Image caption महासभा को संबोधित करने के बाद कृष्णा पाकिस्तानी विदेश मंत्री से भी मिलेंगे.

भारतीय विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया है कि वो आतंकवाद से लड़ने के लिए संगठित हो जाएं.

संयुक्त राष्ट्र महासभा की सालाना बैठक को संबोधित करते हुए कृष्णा ने मुंबई हमलों का ज़िक्र किया और कहा कि ये हमले विश्व के हर देश के समक्ष आतंकवाद के खतरे को पेश करते हैं.

उन्होंने कहा कि मुंबई हमलों को अंजाम देने वालों, उनकी मदद करने वालों और उनके हिमायतियों को न्याय के कटघरे में लाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ज़िम्मेदारी है.

उनका कहना था, ‘‘मुंबई के हमले दिखाते हैं कि दर दिन दर देश के सामने आतंकवाद कितनी बड़ी समस्या है.यह हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि हम इसे अंजाम देने वालों से निपटे. अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों को मज़बूत करें.’’

भारतीय विदेश मंत्री का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों को मजबूत करने के लिए भारत ने आतंकवाद पर नया मसौदा पेश किया है जिस पर बहुत विचार हो चुका है और अब समय आ गया है कि इसे लागू किया जाए.

पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते बेहतर बनाने के इरादे का ज़िक्र करते हुए एस एम कृष्णा का कहना था कि भारत पाकिस्तान के साथ सारे मामले शांतिपूर्ण बातचीत से सुलझाना चाहता है.

उनका कहना था, ‘‘भारत के लिए उसके पड़ोस में शांति, सुरक्षा और स्थायित्व होना ज़रुरी है. भारत पाकिस्तान के साथ सभी मु्द्दों का वार्ता के ज़रिए शांतिपूर्वक समाधान चाहता है.’’

कृष्णा ने अपने भाषण में परमाणु हथियारों पर रोक लगाने संबंधी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की नई कोशिशों का स्वागत करते हुए कहा कि परमाणु अप्रसार के मामले में भारत का रिकार्ड बहुत अच्छा रहा है.

उन्होंने कहा कि भारत परमाणु परीक्षण नहीं करने के अपने एकतरफ़ा फैसले पर कायम रहेगा.

इसके अलावा कृष्णा ने अपने भाषण में जलवायु परिवर्तन पर भारत का रुख साफ़ किया और कहा कि विकासशील देशों पर इस मामले में अनुचित दबाव डाला जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए जिससे विश्व का सही प्रतिनिधित्व हो सके.

उधर भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों की भी बातचीत न्यूयॉर्क में हुई है जिसके बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी होने वाली है.

विदेश सचिव स्तर की बातचीत के बाद भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव ने कहा कि बातचीत फायदेमंद रही और इसे मंत्रिस्तरीय बातचीत में आगे बढ़ाया जाएगा.

विदेश सचिवों के बीच बातचीत रुज़वेल्ट होटल में हुई और क़रीब दो घंटे चली लेकिन इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.

संबंधित समाचार

संबंधित इंटरनेट लिंक

बीबीसी बाहरी इंटरनेट साइट की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है