क्वात्रोकी के ख़िलाफ़ केस खत्म होगा

Image caption क्वात्रोची ने 1993 में भारत छोड़ दिया था.

लगभग दो दशक पुराना बोफ़ोर्स मामला शायद अब हमेशा के लिए दफ़न हो जाए.

केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वो इटली के व्यापारी ओटैवियो क्वात्रोकी के ख़िलाफ़ मुकदमा वापस ले रही है.

सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रमन्यम ने चीफ़ जस्टिस के पी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाले एक बेंच से कहा कि क्वात्रोकी के भारत में प्रत्यर्पण की सभी कोशिशें नाकामयाब रही हैं.

क्वात्रोकी पर बोफ़ोर्स बंदूकों की खरीद में 64 करोड़ रूपए की दलाली के मामले में शामिल होने का आरोप है.

गोपाल सुब्रमन्यम ने कहा कि सीबीआई ने ये फ़ैसला 2004 में हाई कोर्ट के उस फ़ैसले को आधार बनाकर भी किया है जिसमें कहा गया था कि बोफ़ोर्स सौदे में भ्रष्टाचार का मामला नहीं बनता है.

सॉलिसिटर जनरल के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है वहीं कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि इस केस को आख़िर कभी न कभी खत्म तो होना ही था.

सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले पर सुनवाई 11 दिसंबर को होगी.

इस पूरे मामले में क्वात्रोकी समेत आठ लोगों पर आरोप लगा था. इनमें से तीन की मृत्यु हो चुकी है.

बाक़ी बचे चार जिनमें हिंदूजा बंधु, श्रीचंद और गोपीचंद, शामिल हैं 2004 में हाई कोर्ट के आदेश के बाद निर्दोष करार दिए गए थे.

आदेश में कहा गया था कि इस खरीद में भ्रष्टाचार का मामला नहीं दिखता.

सीबीआई इस केस की छानबीन 1990 से ही कर रही है.

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