'आत्मरक्षा में नक्सलियों पर हमले की इजाज़त हो'

  • 1 अक्तूबर 2009

भारतीय वायु सेना ने रक्षा मंत्रालय से अनुमति माँगी है कि अगर माओवादी उसके हेलीकॉप्टरों या कर्मचारियों पर हमला करते हैं तो वो आत्म रक्षा में नक्सलियों पर हमला कर सके.

ये बात एयर चीफ़ मार्शल पीवी नायक ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कही.

उन्होंने कहा, "आईएएफ़ ने रक्षा मंत्रालय से इजाज़त माँगी है कि अगर नक्सल प्रभावित इलाक़ों में काम कर रहे क्रू पर हमला होता है तो वायुसेना भी हमला कर सके."

वहीं रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा है कि मामले पर कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है.

पीवी नायक ने पिछले साल छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान आएएएफ़ के एक हेलीकॉप्टर पर हुए नक्सली हमले का ज़िक्र किया जिसमें एक फ़्लाइट इंजीनियर की मौत हो गई थी.

'मुश्किल फ़ैसला'

पीवी नायक ने कहा कि जबावी कार्रवाई करने का फ़ैसला काफ़ी पेचीदा है क्योंकि ऐसे अभियानों में कॉलेट्रल नुकसान या नागरिकों को नुकसान पहुँचने की आशंका रहती है.

उनका कहना था, "नक्सलियों के ख़िलाफ़ अभियान में वायु सेना की व्यापक भूमिका है- इलाक़े का मुआएना, मानवरहित एरियल वाहन के ज़रिए मुआएन करना."

जब उनसे पूछा गया कि वायु सेना फ़िलहाल नक्सिलयों पर हमला क्यों नहीं कर रही है तो पीवी नायक ने कहा कि जब तक सरकार नक्सलियों को देश का दुश्मन घोषित नहीं करती, वायु सेना हमला नहीं कर सकती क्योंकि इसका मतलब होगा कि अपने ही नागरिकों पर हमला किया जा रहा है.

उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ अमरीका के ड्रोन हमलों का हवाला दिया और कहा, "ये हमले अमरीका के बाहर हुए हैं. पाकिस्तान ने सिर्फ़ स्वात में ही चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अपने बलों का इस्तेमाल किया है."

एयर चीफ़ मार्शल ने कहा, "हमारे देश में इस बात में फ़र्क करना मुश्किल हो जाएगा कि बुरा कौन है और अच्छा कौन है. उच्च स्तर पर फ़ैसला लेना होगा."