श्रीलंकाई उच्चायोग में तोड़फोड़

Image caption श्रीलंकाई उच्चायोग में कुछ लोग जबरन घुस गए

दिल्ली में श्रीलंका के उच्चायोग में कुछ लोगों ने जबरन प्रवेश कर उसे नुकसान पहुँचाया है.

भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक वक्तव्य में इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया गया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया गया है.

श्रीलंका उच्चायोग के प्रवक्ता एस गुनारत्ना में बीबीसी को बताया कि दोपहर करीब ढाई बजे चालीस से पचास लोग उच्चायोग आए थे और उनमें से करीब 10 लोग उच्चायोग की इमारत की दीवार फांदकर अंदर घुस आए.

गुनारत्ना ने बताया कि दो अक्तूबर को छुट्टी का दिन होने की वजह से कोई स्टाफ़ या गाड़ी मौजूद नहीं थी. उन्होंने कहा कि लोगों ने बगीचे में पड़े कुछ गमलों को तोड़ दिया.

प्रवक्ता ने कहा, "ये लोग अपने हाथ में तख्तियाँ लिए हुए थे जिसमें लिखा हुआ था कि श्रीलंका से कच्छतीव द्वीप को वापस लिया जाए और श्रीलंका में तमिलों को समान अधिकार दिए जाएं."

'तमिलनाडु से आए थे प्रदर्शनकारी'

कच्छतीव द्वीप को भारत ने 1974 में एक द्विपक्षीय समझौते के तहत श्रीलंका को सौंप दिया था.

इस छोटे से द्वीप पर मछुवारे जाल सुखाते हैं और आराम करते हैं.श्रीलंका में तमिल पार्टियों का कहना है कि भारत सरकार इस द्वीप को वापस ले.

जब श्रीलंका उच्चायोग के प्रवक्ता से पूछा गया कि ये लोग आख़िर कौन थे तो उनका कहना था, "ऐसा लगता था कि ये लोग तमिलना़डु के थे. देखिए शांति से किया गया विरोध प्रदर्शन तो स्वीकार्य है लेकिन ऐसी घटना जिसमें लोग उच्चायोग में घुस जाएँ और तोड़फोड़ करें, चाहे वो छोटी घटना हो या बड़ी, ये स्वीकार्य नहीं है."

भारतीय विदेश मंत्रालय के वक्तव्य में कहा गया है कि उच्चायोग के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

दिल्ली पुलिस के नई दिल्ली इलाके के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एस दास ने बताया कि कुछ लोग उच्चायोग में घुसे थे लेकिन जब उन्हें चुनौती दी गई, तो वो भाग गए और किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका.

संबंधित समाचार