...ताकि बंद हो क्वात्रोकी अध्याय

  • 3 अक्तूबर 2009
क्वात्रोकी

भारत के केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को दिल्ली की एक अदालत में याचिका दायर करके कहा है कि इतालवी व्यापारी ओटैवियो क्वात्रोकी के ख़िलाफ़ मामला बंद कर दिया जाए.

चीफ़ मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष अपनी याचिका में सीबीआई ने कहा है कि अभी तक क्वात्रोकी को दिल्ली लाकर उनपर मुक़दमा चलाने के तमाम प्रयास बेकार ही साबित हुए हैं.

भारत की राजनीति को हिला देने वाले विवादित बोफ़ोर्स तोप दलाली मामले में अभियुक्त बनाए गए क्वात्रोकी इस लगभग दो दशक पुराने मामले में एक भी बार भारतीय अदालतों के समक्ष पेश नहीं हुए हैं.

क्वात्रोकी पर बोफ़ोर्स बंदूकों की खरीद में 64 करोड़ रूपए की दलाली के मामले में शामिल होने का आरोप है. इस पूरे मामले में क्वात्रोकी समेत आठ लोगों पर आरोप लगा था. इनमें से तीन की मृत्यु हो चुकी है.

हालांकि एक अधिवक्ता अजय अग्रवाल ने इस बाबत अदालत में गुहार लगाई है कि इस मामले से क्वात्रोकी को बाहर न किया जाए पर सीबीआई ने कहा है कि याचिकाकर्ता के पास इस मामले में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें इससे बाहर ही रहना चाहिए.

उन्होनें कहा, "दरअसल क्वात्रोकी के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस वापस लेने का फ़ैसला ही ग़लत था. यहां बीस- बीस साल पुराने रेड कॉर्नर नोटिस पेंडिंग पड़े हैं तो क्वात्रोकी के मामले में इतनी जल्दबाज़ी की क्या ज़रूरत थी. क्वात्रीकी दुनिया भर में अपने व्यापार के सिलसिले में घूम रहा है, उसे कभी भी पकड़ा जा सकता था. लेकिन रेड कॉर्नर नोटिस वापस लेने से ये उम्मीद ख़त्म हो गई. और अब सीबीआई कह रही है कि मामला ख़तम कर दिया जाए. दरअसल ये सब जानबूझकर किया जा रहा है ताकि क्वात्रोकी को भारत में अपना व्यापार बढ़ाने में मदद मिल सके जिसकी कि वो इच्छा भी जता चुका है."

केंद्र से राहत

इस मामले में इसी सप्ताह मंगलवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि वो इटली के व्यापारी ओटैवियो क्वात्रोकी के ख़िलाफ़ मुकदमा वापस ले रही है.

सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रमन्यम ने चीफ़ जस्टिस केपी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली बेंच से कहा कि क्वात्रोकी के भारत में प्रत्यर्पण की सभी कोशिशें नाकामयाब रही हैं.

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के लिए 11 दिसंबर की तारीख तय की गई है.

क्वात्रोकी के अलावा इस मामले में चार और लोग ऐसे हैं जो जीवित हैं और जिन्हें अभियुक्त बनाया गया था. पर फिलहाल मामला केवल क्वात्रोकी पर ही बचा है. बाक़ी बचे चार जिनमें हिंदूजा बंधु, श्रीचंद और गोपीचंद, शामिल हैं को 2004 में हाई कोर्ट के आदेश के बाद निर्दोष करार दिए गए थे.

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