शिवसेना का चुनावी कॉल सेंटर

शिवसेना का कॉल सेंटर

महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव के प्रचार में सभी पार्टियाँ आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही हैं लेकिन शिवसेना ने आम जनता से जुड़ने के प्रयास में एक पूरा कॉल सेंटर खोल दिया है.

एक बड़े से हाल में 35 कार्यकर्ता लोगों के कॉल लेते हैं, उनकी समस्याएँ सुनते हैं और फिर उन्हें डेटाबेस में डाल देते हैं.

यह कॉल सेंटर 13 अक्तूबर को होने वाले विधान सभा के चुनाव को देखते हुए आम जनता से जुड़ने की एक कोशिश है.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वोटरों तक पहुँचने के लिए ई-मेल और सोशल वेबसाइटों का सहारा लिया था.

महाराष्ट्र में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी एसएमस, ई-मेल और फ़ोन कॉल से वोटरों तक पहुँचने का प्रयास कर रही हैं.

लेकिन शिवसेना इस कॉल सेंटर से इन सभी पार्टियों को आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में पीछे छोड़ना चाहती है.

जुड़ने का साधन

शिवसेना के कॉल सेंटर की देखरेख करने वाले शिव सेना के शैलेष पाटिल कहते हैं कि सेना भवन में कॉल सेंटर खोलने का मक़सद लोगों से जुड़ने का प्रयास है.

वे कहते हैं,”यह आईडिया दो साल पहले उद्धव ठाकरे जी ने दिया था. मैंने इसका सॉफ्टवेयर तैयार किया और इस साल फ़रवरी में इसे लॉन्च किया. अब तक हमने इस कॉल सेंटर से हजारों लोगों की समस्याएँ दूर की हैं."

Image caption शिवसेना के कॉलसेंटर में अभी 35 लोग हैं और जीत के बाद ये संख्या बढ़ाने का वादा है

शैलेष पाटिल कहते हैं,”यहाँ कॉल प्रोसेस किया जाता है, फिर डेटाबेस में डाल देते हैं. फिर उस शिकायत या सलाह पर कार्रवाई भी की जाती है.“

पार्टी नेताओं के अनुसार इस कॉल सेंटर का पहला बड़ा योगदान था पार्टी के घोषणा पत्र की तैयारी में मदद.

पार्टी के वरिष्ठ नेता उद्धव ठाकरे कहते हैं कि उन्होंने इस कॉल सेंटर में आए सुझावों को ध्यान में रख कर अपनी पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र तैयार किया है.

उद्धव कहते हैं,"आपको यकीन नहीं होगा कि यहाँ हजारों कॉल आती हैं. विदेश में रहने वाले पार्टी समर्थक भी फ़ोन करते हैं. कुछ शिकायत करने के लिए फ़ोन करते हैं और कुछ सलाह देने के लिए. लेकिन यह एक बड़ा साधन बन गया है लोगों से जुड़ने का."

विस्तार का वादा

शिवसेना का कहना है कि यदि वे सत्ता में आते हैं तो इस कॉल सेंटर को कई गुना बड़ा कर दिया जाएगा.

उद्धव ठाकरे कहते हैं,”सत्ता में आने के बाद हम इसका विस्तार करेंगे और इस काम को आगे बढ़ने के लिए एक अलग मंत्री भी नियुक्त करेंगे.”

पार्टी का कहना है सत्ता मिलने की सूरत में इस कॉल सेंटर में इस कॉल सेंटर में 500 कार्यकर्त्ता काम करेंगे और लोगों की शिकायतें सरकार तक पहुँचाएंगे.

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