गांधी का घर नहीं मिला भारत को

महात्मा गांधी
Image caption महात्मा गांधी उन दिनों जोहानसबर्ग में वकालत किया करते थे

दक्षिण अफ़्रीका के जोहानसबर्ग में महात्मा गांधी के ऐतिहासिक घर को एक फ़्रांसिसी टूरिज़्म कंपनी ने ख़रीद लिया है.

इस मकान को भारत सरकार ख़रीदना चाहती थी और उसने कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया इसे ख़रीदेगी.

इस मकान में महात्मा गांधी कोई एक सदी पहले रहा करते थे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार फ़्रांसिसी कंपनी ने आरंभिक बोली की दोगुनी बोली लगाई और 3,77,029 डॉलर में इसे ख़रीद लिया.

घर को ख़रीदने वाली फ़्रांसिसी पर्यटन कंपनी वॉयज़र्स-डी-माँड, पेरिस स्टॉक एक्सजेंच में लिस्टेड है.

यह कंपनी दुनिया भर में दुर्लभ भवन आदि को ख़रीदती रही है और उसकी योजना है कि इस मकान को वह गांधी स्मारक बनाएँगे.

भारत सरकार ने जब कोल इंडिया को निर्देश दिए थे कि वह इस मकान को ख़रीद ले तो उसकी योजना भी इसे गांधी स्मारक में तब्दील करने की थी.

इस मकान के लिए बोली लगाने वालों में कोल इंडिया के अलावा भारतीय और मलेशियन व्यवसायी थे.

महात्मा गांधी एक युवा वकील के रुप में इस मकान में 1908 से 1910 तक रहे थे.

इसकी डिज़ाइन उनके वास्तुविद मित्र हरमन कैलेनबाक ने तैयार की थी.

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