माओवादियों से निपटने के लिए नई योजना

  • 9 अक्तूबर 2009

भारत की सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने माओवादियों से निपटने के लिए नई योजना को मंज़ूरी दे दी है.

कुछ दिन पहले झारखंड में माओवादियों ने एक पुलिस इंस्पेक्टर का सर कलम कर दिया था और गुरुवार को गढ़चिरौली में भी नक्सली हमला हुआ था. इसके के बाद ही कैबिनेट समिति ने नई योजना बनाई है.

इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने की. पीटीआई के मुताबिक बैठक में ताज़ा स्थिति का जायज़ा लिया गया और नक्सल समस्या से निपटने के तरीकों पर चर्चा की गई.

एक दिन पहले ही गृह मंत्री पी चिदंबरम ने माओवादियों को आगाह किया था कि वे हिंसा छोड़ दें या फिर नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें.

वायुसेना की माँग

इस बीच रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वो भारतीय वायु सेना के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. मांग की गई थी कि आत्मरक्षा के लिए वायु सेना को माओवादियों पर गोली चलाने की अनुमति हो.

रक्षा मंत्री एके एंटनी ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि इस प्रस्ताव पर अभी कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है और न ही कैबिनेट समिति के समक्ष ये प्रस्ताव पेश किया गया है.

इससे पहले गुरुवार को आईएएफ़ प्रमुख पीवी नायक ने कहा था कि नक्सल प्रभावित इलाक़ों में अपने हेलिकॉप्टरों और कर्मचारियों की रक्षा के लिए विशेष कमांडो तैनात किए जाएँगे.

उन्होंने ये स्पष्ट कर दिया कि माओवादियों के ख़िलाफ़ 'रैम्बो स्टाइल' में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.

पीवी नायक ने बताया कि कमांडो की तैनाती बचाव कार्यों के अलावा वायु सेना के जवानों और उपकरणों की रक्षा करेंगे.

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