'पाक आतंकवाद के नुक़सान को समझे'

मनमोहन सिंह
Image caption प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना है कि पाकिस्तान पर दबाव काम काम कर रहा है

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना है कि पाकिस्तान को आतंकवाद से दक्षिण एशिया को हो रहे नुक़सान को समझना चाहिए.

मुंबई में आयोजित पत्रकारवार्ता में उन्होंने पाकिस्तान में चरमपंथी हमलों की निंदा की और स्पष्ट किया कि चरमपंथी हमलों में भारत का कोई हाथ नहीं है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि बलूचिस्तान में चरमपंथी गतिविधियों में भारत का हाथ होने का आरोप बेबुनियाद हैं और ग़लत हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पाकिस्तान पर भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव काम कर रहा है.

उनका कहना था कि पाकिस्तान ने पहली बार माना कि मुंबई हमलों की साजिश उनके देश में रची गई थी और उसमें पाकिस्तानी नागरिक शामिल थे.

भारतीय प्रधानमंत्री का कहना था कि इस मामले में सात लोगों पर आरोपपत्र दाखिल किया गया था.

नक्सलवाद की चुनौती

मनमोहन सिंह का कहना था कि नक्सलवाद भारत के लिए सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ सहयोग कर रही है और आगामी कुछ महीनों में इसके नतीजे दिखाई देने लगेंगे.

प्रधानमंत्री का कहना था कि मध्य भारत नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित रहा है, लेकिन हमें ये भी देखना है कि किस वजह से लोग अपने आपको अलग थलग महसूस कर रहे हैं.

महंगाई पर पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कुछ चीजों के दाम बढ़े हैं और इसके कुछ विशेष कारण हैं. लेकिन अब ये दौर समाप्त हो गया है.

प्रधानमंत्री का कहना था कि रबी की फसल सामान्य होगी और इससे महंगाई की स्थिति पर असर पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि किसानों को ज़रूरत पड़ी तो और सहायता प्रदान की जाएगी.

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